तूफ़ान मुइफ़ा चीनी प्रायद्वीप की ओर

Image caption चीन के पूर्वी तट पर तूफ़ान मुइफ़ा का ख़तरा

चीनी अधिकारियों ने दो लाख से ज़्यादा लोगों को पूर्वी तट से हटा दिया है क्योंकि इस इलाक़े में कई सालों में सबसे ताकतवर तूफ़ान का ख़तरा मंडरा रहा है.

सात हज़ार से ज़्यादा मछली पकड़नेवाली नौकाओं को बंदरगाह पर लंगर डालने को कहा गया है क्योंकि तूफ़ान मुइफ़ा की वजह से 162 प्रति घंटे के रफ़्तार से हवाएं चल रही हैं और समुद्र में 36 फ़ीट ऊंची लहरें उठ रही हैं.

तूफ़ान की वजह से 140 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं और रेल सेवा बाधित हुई है.

तूफ़ान मुइफ़ा रविवार को शंघाई के पास से होकर गुज़रा है जिसकी वजह से तेज़ हवाएं चल रही हैं और मूसलाधार बारिश हो रही है.

मौसम वैज्ञानिकों ने पहले कहा था कि मुइफ़ा झेजियांग प्रांत या शंघाई के तट पर सप्ताह के अंत में पहुंचेगा. लेकिन अब उनका कहना है कि तूफ़ान शानदोंग प्रांत के क़िंगदाओ शहर में संभवत: सोमवार की सुबह पहुंचेगा.

रविवार की सुबह शंघाई के उत्तर-पूर्व में तूफ़ान की रफ़्तार तीन सौ किलोमीटर प्रतिघंटा थी और ये पूर्वी चीन सागर में 23 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ़्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है.

चीन के राष्ट्रीय समुद्री पर्यावरण पूर्वानुमान केंद्र ने पहले दी गई चेतावनी में संशोधन कर कहा है कि पूर्वी चीन सागर में जहाज़ों की आवाजाही बेहद ख़तरनाक है.

तूफ़ान मुइफ़ा ने पहले ही फिलिपीन्स में भारी तबाही मचाई है जहां इसने बाढ़ के हालात पैदा कर दिए हैं.

Image caption तूफ़ान की आशंका से दो लाख लोग हटाए गए

तूफ़ान की वजह से ताइवान और जापान के दक्षिणी द्वीप ओकिनावा में बिजली गुल हो गई है.

साल 2005 के बाद आए मुइफ़ा तूफ़ान को क्षेत्र के लिए बेहद गंभीर माना जा रहा है.

2005 में तूफ़ान मत्सा ने 19 लोगों की जान ले ली थी जिसमें से सात लोग शंघाई में मारे गए थे.

गंभीर ख़तरा

तूफ़ान की वजह से चाइना सदर्न एयरलाइन्स ने शनिवार दोपहर से पूर्वी चीन के लिए अपनी 140 से ज़्यादा उड़ानें रद्द कर दी हैं जबकि शंघाई स्थित चाइना इस्टर्न एयरलाइन्स ने अपनी विमान सेवा के बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका जताई है.

शंघाई के रेल अधिकारी स्थानीय तेज़ रफ़्तार रेल नेटवर्क के निरीक्षण की योजना बना रहे हैं और उन्होंने तूफ़ान की गंभीरता के आधार पर कुछ सेवाओं के बंद होने और विलंबित होने की चेतावनी भी दी है.

बुधवार की रात को मुइफ़ा का दर्जा 185 किलोमीटर प्रतिघंटे या उससे ज़्यादा की रफ़्तार वाले सुपर टाइफून से घटकर प्रचंड तूफ़ान का रह गया था लेकिन फिर भी पिछले कुछ सालों में चीन में आए तूफ़ानों में इसके सबसे ताक़तवर होने की संभावना जताई जा रही है.

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