ड्रोन हमले में 'हक़्क़ानी नेटवर्क' के 21 सदस्य मारे गए

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उत्तर-पश्चमी पाकिस्तान में एक अमरीकी ड्रोन हमले में कम से कम 21 चरमपंथी मारे गए हैं.

अधिकारियों के मुताबिक उत्तरी वज़ीरिस्तान के मुख्य शहर मीरानशाह में बुधवार सुबह हुए हमले के दौरान चालक रहित विमान से दो मिसाइल दागे गए जिससे एक वाहन नष्ट हो गया और मीरानशाह की एक इमारत तबाह हो गई.

ये जगह पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान की सीमा पर स्थित है.

अधिकारियों का कहना है कि जो चरमपंथी मारे गए हैं वे हक़्क़ानी नेटवर्क के हैं और इनमें कुछ विदेशी नागरिक भी है.

अल क़ायदा, तालिबान के अड्डे

अमरीकी अधिकारियों का मानना है कि इस गुट के कई चरमपंथियों ने अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सैनिकों के ख़िलाफ़ हमले किए हैं.

अमरीका का दावा है कि इस इलाक़े में अल क़ायदा और तालिबान चरमपंथियों के अड्डे हैं.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ख़ुफ़िया एजेंसी के एक अधिकारी के हवाले से बताया है, "जो लोग मारे गए हैं उनमें स्थानीय तालिबान है और कुछ अरब और उज़्बेक नागरिक हैं.

जब से बराक ओबामा ने अमरीका का राष्ट्रपति पद संभाला है तब से इन क्षेत्रों में ड्रोन हमले बढ़े हैं लेकिन पाकिस्तान इन हमलों की आलोचना करता आया है.

हालाँकि पर्यवेक्षकों का मानना है कि अनौपचारिक तौर पर पाकिस्तान इन हमलों की हिमायत करता है.

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