'भारत, चीन बनाएँ सीरिया पर दबाव'

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अमरीका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि भारत, चीन, रूस और कुछ यूरोपीय देश अगर क़दम उठाएँ तो सीरिया के राष्ट्रपति पर दबाव बढ़ाया जा सकता है.

उन्होंने कहा कि अन्य देशों को भी अमरीका की तरह सीरिया पर प्रतिबंध लगाने चाहिए.

बुधवार को अमरीका ने सीरिया पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक अमरीका ये जानता है कि बहुत से ऐसे देश हैं जिनके सीरिया से गहरे संबंध हैं और वे सीरिया को प्रभावित कर सकते हैं.

सीबीएस न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में हिलेरी क्लिंटन ने साफ़-साफ़ कहा कि रूस सीरिया को हथियार बेचना बंद करे. उन्होंने ये भी कहा कि सीरिया के ऊर्जा उद्योग पर भी प्रतिबंध लगाए जाएँ.

नए प्रतिबंध

ऊर्जा उद्योग सीरिया के लिए आमदनी का बड़ा स्रोत है. ओबामा प्रशासन ये स्पष्ट कर चुका है कि उसके मुताबिक बशर अल-असद अपनी विश्वसनीयता खो चुके हैं. लेकिन अमरीका का मानना है कि ये संदेश केवल उसके यहाँ से ही नहीं आना चाहिए.

अमरीकी रिपोर्टों के मुताबिक प्रशासन बशर अल-असद के इस्तीफ़े की माँग करने वाला है.इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने तुर्की के प्रधानमंत्री

रजब तैय्यब अरदोगान से फ़ोन पर सीरिया के बारे में चर्चा की.

व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता के मुताबिक दोनों नेता इस बात पर सहमत थे कि ख़ूनख़राबा तुरंत ख़त्म होना चाहिए और सीरिया में लोकतांत्रिक बदलाव की ज़रूरत

है.

इस बीच सीरिया में प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गुरुवार को सुरक्षा बलों ने कम से कम 20 लोगों को मार दिया. कार्यकर्ताओं के मुताबिक ज़्यादातर मौतें क़ुसैर कस्बे में हुईं जो लेबनान सीमा के पास है.

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