हिंसक झड़पों के बीच ज़ाविया पर कब्ज़े के दावे

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Image caption लीबिया की सरकार का कहना है कि ज़ाविया पर उसका कब्ज़ा है

लीबिया की राजधानी त्रिपोली से मात्र 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ज़ाविया शहर के पास विद्रोहियों और सरकारी सेना के बीच भीषण जंग हुई है. सरकार ने विद्रोहियों के ज़ाविया शहर पर कब्ज़े के दावों का खंडन किया है.

पश्चिमी लीबिया में स्थित और रणनीतिक दृष्टि से अहम माने जाने वाले ज़ाविया शहर में यात्रा कर रहे अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों ने गोलीबारी की आवाज़ें सुनी हैं. विद्रोहियों का दावा है कि सरकारी सेना वहाँ से भाग रही है.

लेकिन सरकार के सूचना मंत्री मूसा इब्राहीम ने कहा है कि पूरे शहर पर सरकार का कब्ज़ा है.

इस साल फ़रवरी में ट्यूनिशिया और मिस्र में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और फिर सत्ता परिवर्तन के बाद से लीबिया में भी सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए जिन्होंने सशस्त्र विद्रोह की शक़्ल ले ली थी.

विद्रोही वर्ष 1969 से सत्ता में बने हुए कर्नल गद्दाफ़ी को सत्ता से निकालना चाहते हैं. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद पहले ही आम लीबियाई नागरिकों की सुरक्षा के लिए लीबिया पर हवाई हमलों की इजाज़त दे चुका है और नैटो फ़ौजों ने लीबिया पर अनेक हवाई हमले किए हैं.

विद्रोहियों पर भीषण गोलाबारी

त्रिपोली स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ज़विया इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि तटवर्ती शहर होने के कारण यदि इस पर विद्रोहियों का कब्ज़ा हो जाता है तो लीबिया के शासक अलग-थलग पड़ा जाएँगे.

पिछले हफ़्ते नाफ़ूसा के पहाड़ों से सैकड़ों विद्रोहियों ने ज़मीनी इलाक़ों की तरफ़ कूच की थी और महीनों से ज़ाविया के आसपास चल रहे गतिरोध को निर्णायक शक़्ल देने की कोशिश की थी.

लेकिन शनिवार को जैसे ही 200 विद्रोही ज़ाविया के पास पहुँचे, वैसे ही उन पर सरकारी फ़ौजों की ओर से भीषण गोलाबारी हुई.

उनके अनुसार विद्रोहियों के एक छोटे से (50 लोगों के) गुट ने ज़ाविया पर हमला किया था लेकन उन्हें खदेड़ दिया गया है. लेकिन ताज़ा घटनाक्रम में मिस्राता से 50 किलोमीटर दूर तावार्गा शहर पर विद्रोहियों का कब्ज़ा हो गया है.

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