सेक्स स्कैंडल में फँसे सांसद

यौनकर्मी
Image caption सांसद पर एस्कॉर्ट्स सर्विसेज़ पर ख़र्च करने का आरोप है

ऑस्ट्रेलिया की पुलिस सत्ताधारी लेबर पार्टी के सांसद के ख़िलाफ़ एक गंभीर आरोप की जाँच कर रही है. आरोप ये है कि इस सांसद ने सेक्स के लिए एक यौनकर्मी को अपने ट्रेड यूनियन क्रेडिट कार्ड से भुगतान किया.

पुलिस का कहना है कि इस मामले में वे सांसद क्रेग थॉमसन के ख़िलाफ़ नए सबूतों की जाँच कर रही है.

हालाँकि सांसद थॉमसन ने किसी भी ग़लत काम से इनकार किया है और कहा है कि उनके एक अनाम मित्र ने उनके हस्ताक्षर की कॉपी करके क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया.

अगर ये सांसद चोरी और धोखाधड़ी के मामले में दोषी ठहराए गए तो जुलिया गिलार्ड की सरकार अल्पमत में आ जाएगी. इस सरकार के पास सिर्फ़ एक सीट का बहुमत है.

प्रधानमंत्री गिलार्ड ने सांसद थॉमसन में पूरा भरोसा व्यक्त किया है और कहा है कि उनके आचरण के ख़िलाफ़ कोई भी जाँच को पूरा होने देना चाहिए.

एक विपक्षी राजनेता ने थॉमसन के ख़िलाफ़ नए सबूत पुलिस को पेश किए हैं. पुलिस ने एक बयान में कहा है, "इस पत्राचार को आंतरिक जाँच के लिए भेजा गया है और इसके बाद ही ये तय होगा कि आपराधिक मामला बनता है या नहीं."

आरोप है कि थॉमसन ने इस क्रेडिट कार्ड से एक लाख ऑस्ट्रेलियन डॉलर से ज़्यादा की राशि निकाली और एस्कॉर्ट्स सर्विसेज़ (उच्च दर्जे की यौनकर्मियों की सेवा) पर ख़र्च की.

सरकार पर ख़तरा

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Image caption जुलिया गिलार्ड की सरकार पर ख़तरा पैदा हो सकता है

ये क्रेडिट कार्ड उन्हें वर्ष 2003 और 2005 के दौरान दिया गया था, जब वे स्वास्थ्य सेवा यूनियन में काम करते थे. वर्ष 2007 के चुनाव के बाद थॉमसन संसद के लिए निर्वाचित हुए थे.

उन्होंने दावा किया है कि यूनियन अधिकारियों को इस क्रेडिट कार्ड तक पहुँच थी. थॉमसन ने किसी भी ग़लत कार्य से इनकार किया.

ऑस्ट्रेलिया में नौकरियों पर नज़र रखने वाली संस्था फ़ेयर वर्क ऑस्ट्रेलिया भी इस मामले में अपनी जाँच कर रही है.

क्रेग थॉमसन न्यू साउथ वेल्स के सेंट्रल कोस्ट से चुने गए थे. सिडनी से बीबीसी संवाददाता निक ब्रायंट का कहना है कि जुलिया गिलार्ड सरकार की घटती लोकप्रियता को देखते हुए माना जा रहा है कि एक उप चुनाव में लिबरल पार्टी की जीत की उम्मीद जताई जा रही है.

अगर लेबर पार्टी इस सीट पर हारती है, तो भी सरकार अल्पमत में आ जाएगी. थॉमसन के ख़िलाफ़ ये आरोप पहली बार दो साल पहले एक समाचार पत्र में छपे थे. उन्होंने इस अख़बार के ख़िलाफ़ मानहानि का मुक़दमा दर्ज किया, जिसे बाद में उन्होंने वापस ले लिया.

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