इतिहास के पन्नों से

इतिहास में 30 अगस्त की तारीख़ कई महत्वपूर्ण घटनाओं के नाम दर्ज है. इसी दिन फ़लस्तीनी मुक्ति संगठन के नेता यासिर अराफ़ात को लेबनान छोड़कर जाना पड़ा था और युगोस्लाविया के पूर्व राष्ट्रपति मिलोसेविच के ख़िलाफ़ जनसंहार के आरोप तय किए गए थे.

1982: पीएलओ नेता अराफ़ात को छोड़ना पड़ा बेरुत

Image caption यासिर अराफ़ात ने दो महीने की इस्राइली बमबारी के बाद बेरुत छोड़ा था

30 अगस्त को ही 1982 में फ़लस्तीनी मुक्ति संगठन के नेता यासिर अराफ़ात ने बेरुत स्थित मुख्यालय को एक दशक के बाद छोड़ दिया था.

लेबनान पर इसराइली हमले के तीन महीने बाद अराफ़ात को बेरुत छोड़ना पड़ा था.

लंदन में इसराइली राजदूत पर फ़लस्तीनी अलगाववादियों के जानलेवा हमले के बाद ही इसराइली सेना ने लेबनान में प्रवेश किया था.

हालांकि इस हमले का असल मक़सद इसराइल की उत्तरी सीमा के निकट स्थित फ़लस्तीनी गुरिल्ला ठिकानों को नष्ट करना था लेकिन इसराइली सेना बेरुत तक पहुंच गई थी.

इस हमले में फ़लस्तीनियों की कड़ी पराजय हुई थी और इसकी परिणति अराफ़ात और पीएलओ के लेबनान छोड़ने के रूप में हुई थी.

2001: मिलोसेविच पर जनसंहार का मुक़दमा

Image caption मिलोसेविच ने अदालत का प्राधिकार मानने से इनकार कर दिया था

इसी दिन 2001 में युगोस्लाविया के पूर्व राष्ट्रपति स्लोबोदान मिलोसेविच के ख़िलाफ़ युद्ध अपराधों में सबसे जघन्य माने जाने वाले जनसंहार के मामले में आरोप तय किए गए थे.

मिलोसेविच जब दूसरी बार हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय में पेश हुए तो उन्हें इस अभियोग की जानकारी दी गई.

1999 में कोसोवो में हुई लड़ाई के मामले में पहले ही उन पर युद्ध अपराध और मानवता के ख़िलाफ़ अपराध के चार मामले चल रहे थे.

मिलोसेविच उस समय पहले ऐसे पूर्व राष्ट्राध्यक्ष थे जिनके ख़िलाफ़ इतने गंभीर आरोप लगाए गए थे.

40 मिनट तक चली सुनवाई के दौरान मिलोसेविच ने एक बार फिर मुक़दमे की सुनवाई के लिए अदालत के प्राधिकार को मानने से इनकार कर दिया था.

1976: दंगे के रूप में ख़त्म हुआ नॉटिंग हिल कार्निवल

Image caption कार्निवल में करीबियाई संस्कृति को दर्शाया जाता है

30 अगस्त 1976 को पश्चिमी लंदन में चल रहे नॉटिंग हिल कार्निवल में भड़के दंगे में सौ से ज़्यादा पुलिसकर्मी ज़ख्मी हो गए थे.

इस दंगे में कार्निवल में हिस्सा ले रहे क़रीब 60 लोग भी ज़ख़्मी हो गए थे.

कार्निवल में गड़बड़ी फैलाने के आरोप में 66 लोगों को ग़िरफ़्तार किया गया था.

हिंसा तब शुरू हुई जब पुलिस ने एक जेबकतरे को गिरफ़्तार करने की कोशिश की.

इसके बाद कई काले युवा उस जेबकतरे की मदद करने के लिए जमा हो गए और फिर मामला बिगड़ गया.

इन लोगों ने पुलिस पर पत्थर और हथियारों से हमले किए.

कैरेबियाई संस्कृति को दर्शानेवाला ये वार्षिक कार्निवल हिंसा के बाद समाप्त हो गया.

दस वर्ष पहले शुरू हुआ ये कार्निवल पुलिस के साथ तनाव के कई मौक़ों के बावजूद अब तक शांतिपूर्ण रहा था.

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