लीबियाई विद्रोहियों की राजधानी बनी त्रिपोली

लीबिया
Image caption लीबिया में विद्रोहियों का राजधानी त्रिपोली के अधिकतर हिस्सों पर क़ब्ज़ा है

लीबिया में विद्रोही सेना का कहना है कि अब वे त्रिपोली शहर पर अपना क़ब्ज़ा मज़बूत करने के लिए अपनी राजधानी बेनग़ाज़ी से त्रिपोली स्थानांतरित कर रहे हैं.

विद्रोहियों की कैबिनेट में तेल और वित्त मामलों के मंत्री अली तहूनी ने त्रिपोली में आयोजित विद्रोहियों के पहले संवाददाता सम्मेलन में ये जानकारी दी.

वहीं दक्षिण अफ़्रीका ने लीबिया की लगभग डेढ़ अरब डॉलर की संपत्ति पर लगी रोक हटाने पर अपना विरोध समाप्त कर दिया है. ये धन मानवीय सहायता के कार्यों में लगाने की बात कही जा रही है क्योंकि दक्षिण अफ़्रीका को चिंता रही है कि ये धन विद्रोहियों के हाथों में जा सकता है.

उधर संयुक्त राष्ट्र ने लीबिया संघर्ष में शामिल सभी पक्षों से अपील की है कि हिंसा और बदले की कार्रवाई रोकने वाले क़दम उठाए जाएँ.

संयुक्त राष्ट्र की ओर से ये माँग ऐसे समय में आई है जब कर्नल गद्दाफ़ी समर्थक और विद्रोही सेना की ओर से बड़े पैमाने पर लोगों को मारे जाने की ख़बरें आई हैं.

लीबिया में संघर्ष जारी है जो कि मुख्य रूप से विद्रोहियों के नियंत्रण में है.

गुरुवार को शहर के अबू सलेम ज़िले में गोलीबारी शुरू हो गई जहाँ गद्दाफ़ी के वफ़ादार सैनिकों का अब भी क़ब्ज़ा है.

विद्रोही अब कर्नल गद्दाफ़ी के गृहनगर सिर्ते पहुँचने की कोशिश भी कर रहे हैं मगर उन्हें कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है. ख़बरों के अनुसार नैटो के विमानों ने रात में शहर पर हवाई हमले किए हैं.

प्रताड़ना और हत्या

मानवाधिकार मामलों के संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता रूपर्ट कॉलविल ने कहा कि व्यापक पैमाने पर हत्या और प्रताड़ना की ख़बरों की पुष्टि करना मुश्किल है मगर कहा कि लीबिया पर बना मौजूदा जाँच आयोग इस तरह की घटनाओं की भी जाँच करेगा.

उन्होंने कहा, "लीबिया में जो भी सत्ता में हैं चाहे उनमें सेना के लोग हों उन्हें ऐसे क़दम उठाने होंगे कि अपराध न हों और न ही बदले की कोई कार्रवाई हो."

इससे पहले विद्रोहियों के समूह नेशनल ट्रांज़िशन काउंसिल के प्रमुख मुस्तफ़ा अब्दुल जलील ने विद्रोहियों से अपील की थी कि वे गद्दाफ़ी के वफ़ादार सैनिकों पर बदला लेने की मंशा से हमले न करें.

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