सैकड़ों बंदी लेकर जहाज़ त्रिपोली पहुँचा

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लीबिया की राजधानी त्रिपोली में बेनगाज़ी से एक जहाज़ पहुँचा है जिसमें सैकड़ों क़ैदी सवार है. इन्हें लीबिया की विभिन्न जेलों से रिहा किया गया है.

इनमें से कई को कर्नल गद्दाफ़ी के सैनिकों ने पिछले छह महीनों में पकड़ा था जबकि कुछ कई वर्षों से जेल में थे.

इन क़ैदियों ने यातना, पीटाई और भूखे रखे जाने की बातें बताई हैं. विद्रोही नेता पहले ही उन हज़ारों लोगों के बारे में चिंता जता चुके हैं जिन्हें बंदी बनाया गया था और जो अब भी लापता हैं.

विद्रोहियों ने आशंका जताई है कि इन लोगों के शव सामूहिक क्रबों में मिलेंगे या फिर इन लोगों को गुप्त भूमिगत बंकरों में भेज दिया गया है.

इस बीच लीबिया में विद्रोही नैटो की मदद से सियर्ट कस्बे पर धावा बोल रहे हैं. ये गद्दाफ़ी समर्थक सैनिकों का आख़िरी बड़ा गढ़ है.

विद्रोहियों के साथ चल रहे बीबीसी संवाददाता पॉल वुड़्स ने कहा है कि विद्रोहियों को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में सियर्ट पर कब्ज़ा हो जाएगा.

सियर्ट पर हमला

संवाददाता ने बताया है कि सियर्ट को लेकर शांतिपूर्ण हस्तांतरण की कोशिश नाकाम रही हैं. बीबीसी संवाददाता के मुताबिक शायद कबाइली नेताओं के दिमाग़ में गद्दाफ़ी के चेतावनी अभी ताज़ा है जो उन्होंने पिछले हफ़्ते दी थी.

एक विद्रोही नेता का कहना है कि कबाइली नेतृत्व शायद आत्मसमर्पण करना चाहता है लेकिन वहाँ मौजूद सैनिक उन्हें ऐसा नहीं करने दे रहे.

विद्रोहियों को लग रहा है कि लीबिया में चल रही लड़ाई का सियर्ट में आख़िरी बड़ा पड़ाव होगा. सिरते गद्दाफ़ी का गृह नगर है हालांकि विद्रोहियों ने कहा है कि ये पता नहीं है कि गद्दाफ़ी वहीं छिपे हुए हैं या नहीं. सिरते उस मुख्य हाईवे पर है जो पूर्वी और पश्चिमी लीबिया को आपस में जोड़ता है.

पिछले 24 घंटों के घटनाक्रम के बाद लीबियाई विद्रोहियों के हौसले बुलंद हैं. सियर्ट की ओर बढ़ रहे विद्रोहियों के साथ चल रहे बीबीसी संवाददाता ने बताया कि रास्ते में वाहनों की लंबी कतारे थीं जो सामान लेकर जा रही हैं.

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