अनजाने में लीक हुआ दस्तावेज़

दस्तावेज़ (तस्वीर- पॉलिटिकल पिक्चर्स) इमेज कॉपीरइट Political Pictures
Image caption दस्तावेज़ के कई अंश सार्वजनिक हो गए

ब्रिटेन में एक मंत्री ने अनजाने में एक ब्रीफ़िग दस्तावेज़ को सार्वजनिक कर दिया, जिसमें अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई के हटने का स्वागत किया गया था.

अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री एंड्रयू मिचेल के हाथ में ये दस्तावेज़ था और प्रधानमंत्री कार्यालय से निकलते समय फोटोग्राफ़र ने उनकी तस्वीर खींची.

इस तस्वीर में दस्तावेज़ के कुछ अंश स्पष्ट दिखते हैं, जिसमें ये कहा गया है कि ब्रिटेन को सार्वजनिक रूप से और निजी रूप से हामिद करज़ई के 2014 में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव न लड़ने का फ़ैसले का स्वागत करना चाहिए.

इस दस्तावेज़ के सामने आने के बाद अपनी प्रतिक्रिया में ब्रितानी विदेश मंत्री विलियम हेग ने कहा है कि ये मेमो काफ़ी कम अहमियत का था और ऐसी चीज़ें घटित होती है.

एंड्रयू मिचेल राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद बाहर निकल रहे थे. इस बैठक में लीबिया और अफ़ग़ानिस्तान के अलावा अन्य कई विषयों पर चर्चा हुई.

ग़लती

बीबीसी के राजनीतिक संवाददाता रॉबिन ब्रायंट का कहना है कि एंड्रयू मिचेल ने अपनी ग़लती समझ ली थी कि उन्होंने गोपनीय ब्रीफ़िंग दस्तावेज़ को प्रदर्शित कर दिया.

इस दस्तावेज़ में लिखा था- इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि हामिद करज़ई ने सार्वजनिक रूप से अपनी मंशा जताई है कि वे संविधान के मुताबिक़ राष्ट्रपति के रूप में दूसरे कार्यकाल के बाद पद छोड़ देना चाहते हैं. ये काफ़ी अहम है. ये अफ़ग़ानिस्तान की राजनीतिक संभावनाओं को काफ़ी बेहतर बनाता है. हमें निजी रूप से और सार्वजनिक रूप से करज़ई की इस घोषणा का स्वागत करना चाहिए.

इस दस्तावेज़ में आगे लिखा गया है कि हिंसा के प्रति अफ़ग़ानिस्तान के लोगों की समझ भविष्य में उनके भरोसे और अफ़ग़ानिस्तान सरकार के लिए काम करने की उनकी तैयारी के लिए काफ़ी अहम है. क्या हमें हिंसा के स्तर पर अपनी सामरिक सूचना सही मिली है?

इस दस्तावेज़ में अफ़ग़ानिस्तान के बैंकिंग सेक्टर में सुधार और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की ओर से एक प्रस्तावित दौरे का भी ज़िक्र है.

लेकिन अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्रालय ने इसे नियमित दस्तावेज़ बताया है. मंत्रालय के एक प्रवक्ता का कहना है कि अगर ये दस्तावेज़ अति संवेदनशील होता, तो उस पर 'प्रतिबंधित' या 'गोपनीय' लिखा होता.

हामिद करज़ई वर्ष 2009 में दूसरी बार विवादित रूप से राष्ट्रपति चुने गए थे. उस दौरान चुनाव पर कई गंभीर आरोप लगे थे.

अफ़ग़ानिस्तान के संविधान के मुताबिक़ हामिद करज़ई तीसरी बार राष्ट्रपति पद का चुनाव नहीं लड़ सकते. इसका मतलब है कि वर्ष 2014 में उन्हें पद छोड़ना होगा.

संबंधित समाचार