गद्दाफ़ी समर्थकों को चेतावनी

सीर्यट

लीबिया में कर्नल गद्दाफ़ी के समर्थक अब भी कुछ मज़बूत गढ़ों में जमे हुए हैं और अंतरिम परिषद ने उन्हें हथियार डालने के लिए शनिवार तक का समय दिया है.

इस बीच विश्व खाद्य कार्यक्रम भोजन और पानी से लदा एक जहाज़ त्रिपोली भेज रहा है.

लड़ाकों ने चेतावनी दी है कि अगर गद्दाफ़ी समर्थक सेना ने अपने ठिकानों में मौजूदगी जारी रखी तो उन पर पूरी ताक़त के साथ गद्दाफ़ी के जन्म स्थान सीयर्ट और दो दूसरे स्थानों पर हमला किया जाएगा.

राष्ट्रीय अंतरिम परिषद के नेता मुस्तफ़ा अब्दुल जलील ने कहा है कि शांतिपूर्ण आत्मसमर्पण के लिए स्थानीय अधिकारियों से बातचीत जारी है.

लेकिन बीबीसी के एक संवाददाता का कहना है कि सीयर्ट गद्दाफ़ी-समर्थकों का मज़बूत गढ़ है और वह संघर्ष जारी रख सकते हैं क्योंकि उन्हें लगेगा कि उनके पास खोने के लिए अब और क्या बचा है.

नैटो का प्रवक्ता कर्नल रोनल्ड लेवी ने कहा है कि ग़द्दाफ़ी की सेना अब भी बिखरी नहीं है और लीबिया के पूर्व नेता का कंट्रोल अब भी उस पर है. हालांकि ये मालूम नहीं कि गद्दाफ़ी इस समय कहां हैं.

भोजन-पानी

विश्व खाद्य कार्यक्रम ने कहा है कि वो लीबिया की राजधानी त्रिपोली में छह सौ टन खाद्य सामग्री भेज रहा है जिसमें आटा, पास्ता और तेल शामिल है.

इस सामग्री को उन लोगों में बाँटा जाएगा जो कि शहर में लड़ाई के चलते विस्थापित हुए है.

विश्व खाद्य कार्यक्रम ने ये भी कहा है पाँच लाख लीटर पानी भी जहाज़ से वहां भेजा जा रहा है.

अंतरिम परिषद ने ढाई लाख टन पेट्रोल की भी माँग की है.

परिवार

इस बीच अल्जीरिया की सरकार ने कहा है कि कर्नल गद्दाफ़ी की बेटी आयशा ने एक बेटी को जन्म दिया है.

लीबिया के पूर्व नेता का परिवार सोमवार को ही देश की सीमा पार कर अल्जीरिया चला गया था.

अल्जीरिया से आ रही ख़बरों में कहा गया है कि आयशा की हालत को देखते हुए गद्दाफ़ी के परिवार को वहां शरण दी गई.

अल्जीरिया ने कहा है कि उन लोगों को मानवता के आधार पर शरण दी गई है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय में उनके ख़िलाफ़ कोई मामला नहीं है.

अंतरिम परिषद ने कहा है कि वो उन लोगों के प्रत्यर्पण की कोशिश करेगा.

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