विद्रोही अगले हफ़्ते त्रिपोली जाएँगे

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Image caption एनटीसी ने गद्दाफ़ी के समर्थकों को 10 सिंतबर तक समर्पण करने को कहा है

अधिकारियों के अनुसार लीबिया में राष्ट्रीय अंतरिम परिषद की अंतरिम सरकार बेनगाज़ी से अब त्रिपोली की ओर बढ़ने के लिए तैयार है.

राष्ट्रीय अंतरिम परिषद (एनटीसी) के नेता मुस्तफ़ा अब्दल जलील ने अपने समर्थकों से कहा है कि वे लोग त्रिपोली के लिए अगले हफ़्ते में किसी भी दिन रवाना होंगे.

जहाँ एनटीसी राजधानी में सामान्य जीवन बहाल करने की कोशिश कर रहे है वहीं अधिकारियों ने गद्दाफ़ी के ख़िलाफ़ त्रिपोली में गश्त लगा रहे विद्रोही समूहों से अपने घर वापस जाने का आग्रह किया है.

इस बीच गद्दाफ़ी समर्थित सेनाएं देश के अन्य भागों अभी भी लड़ाई लड़ रही हैं.

एनटीसी के गद्दाफ़ी के गृहनगर सियर्ट में मौजूद उनके वफ़ादारों को 10 सिंतबर तक समर्पण करने की मियाद दिए जाने के बाद विद्रोही लड़ाके अब शहर की तरफ़ धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं.

बनी वालिद और सबा जैसे इलाक़ों में इन विद्रोहियों को विरोध का सामना करना पड़ रहा है.

स्वीकृति का इंतज़ार

अभी तक कर्नल गद्दाफ़ी के ठिकाने का पता नहीं चल पाया है लेकिन इस तरह की अफ़वाह फैली हुई है वह अपने गढ़ समझे जाने किसी भी तीन ठिकानों में से एक में छिपे हो सकते हैं. पिछले हफ़्ते ही विद्रोहियों ने नेटों के साथ मिलकर की गई हवाई कार्रवाई की मदद से गद्दाफ़ी समर्थित सेना को राजधानी से खदेड़ दिया था.

इस घटना के बाद से एनटीसी अंतराष्ट्रीय समुदाय से प्रधिकार की स्वीकृति लेने की कोशिश कर रहा है और पश्चिमी देशों ने अरबों डॉलर की संपति जो ज़ब्त की थी उस पर से नियंत्रण हटाने पर सहमति दे दी है.

बेनगाज़ी में मौजूद बीबीसी संवाददाता जॉन लेन का कहना है कि एनटीसी अब ये मान रही है कि अब उसके पास त्रिपोली में कार्रवाई करने के लिए पैसा है और अब शहर उनके लिए अपना अड्डा बनाने के लिए सुरक्षित जगह है.

लीबिया में कर्नल गद्दाफ़ी के सत्ता से हटने के बाद वहां पहली राष्ट्रीय फुटबॉल टीम का मैच खेला जाएगा.

शुक्रवार को पेरिस में लीबिया की राष्ट्रीय अंतरिम परिषद और साठ देशों के प्रतिनिधियों की ओर से देश के भविष्य पर हुई बैठक के बाद बेनगाज़ी लौटे जलील का कहना था," अल्ला ने चाहा तो हम त्रिपोली अगले हफ़्ते जाएंगे लेकिन हम जाने से पहले बेनगाज़ी के आंदोलनकारियों को सलाम करना चाहेंगे. "

लोकतंत्र

आंतरिम सरकार में आंतरिक मामलों के मंत्री अहमद दारद ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को कहा है कि राजधानी में मौजूद लड़ाकों को अब घर चले जाना चाहिए.

उनका कहना था,"इस शनिवार को बड़ी तादाद में सुरक्षाकर्मी और पुलिस वाले अपने काम पर लौट जाएंगे. अब वो स्थिति आ गई है कि जब आंदोलनकारी अपने शहर की रक्षा कर सकते हैं. "

एनटीसी अगले बीस महीनों में वहां लोकतंत्र की स्थापना करने की योजना बना रही है.

इस बीच अमरीकी मीडिया की तरफ़ से आ रही रिपोर्टों के अनुसार मानवाधिकार संस्था, ह्यूमन राइट्स वॉच को सरकारी इमारतों से फाइलें मिली है जो सीआईए और गद्दाफ़ी की ख़ुफ़िया एजेंसी के बीच किस स्तर की साझेदारी थी उसे बयान करती हैं.

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