गद्दाफ़ी समर्थकों को सप्ताहांत तक का समय

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लीबिया में विद्रोहियों ने कहा है कि त्रिपोली के पास बानी वालीद इलाक़े को छोड़ने के लिए गद्दाफ़ी सैनिकों को सप्ताहांत का वक़्त दिया गया है.

हथियारों से लैस सैकड़ों विद्रोहियों ने इलाक़े को घेरा हुआ है और हमले की पूरी तैयारी है.

बनी वालिद राजधानी त्रिपोली से 150 कीलोमीटर की दूरी पर है. ये उन चार क्षेत्रों में से है जिन पर अब भी गद्दाफ़ी के सैनिकों का कब्ज़ा है. इनमें सियर्ट, जुफ़्रा और सभा इलाका़ भी शामिल है.

शनिवार तक लीबिया के बनी वालिद कस्बे में फँसे कर्नल गद्दाफ़ी के दो बेटों ने अब इलाका़ छोड़ दिया है. ये दावा लीबिया के अंतरिम प्रशासन का है.

राष्ट्रीय अंतरिम परिषद( एनटीसी) के प्रमुख मुस्तफ़ा अब्दुल जलील ने बीबीसी को बताया है कि सैफ़-अल-इस्लाम और मुतासिम गद्दाफ़ी ने कस्बे को लोगों को आत्मसर्मपण करने से रोका हुआ था.

नैटो को उम्मीद

इससे पहले विद्रोहियों ने कहा था कि आत्मसमर्पण की कोशिशें विफल हो गई हैं और बनी वालिद कस्बे पर हमला होना तय है.

विद्रोही नेताओं का कहना है था कि बातचीत के दौरान भी गद्दाफ़ी के सैनिक गोलीबारी करते रहे थे.

वार्ताकार अब्दुल्ला केनचिल ने बीबीसी को बताया कि गद्दाफ़ी समर्थक सैनिक चाहते थे कि विद्रोही बिना हथियारों के कस्बे में प्रवेश करें.

बनी वालिद न सिर्फ़ गद्दाफ़ी का गढ़ है बल्कि लीबिया के सबसे शक्तिशाली कबीले वरफ़ला का भी इलाक़ा है. एनटीसी के प्रमुख मुस्तफ़ा अब्दुल जलील ने कहा है कि गद्दाफ़ी समर्थकों को मानवीय मदद दी जा रही है.

वहीं नैटो ने कहा है कि लीबिया में उसका अभियान सफलता की ओर बढ़ रहा है. नैटो महासचिव एनर्स फ़ो रासमूसेन का कहना है कि वो अभियान की समाप्ति की तारीख़ तो नहीं दे सकते लेकिन शायद ये जल्दी हो ख़त्म हो जाएगा.

इस बीच बताया जा रहा है कि कर्नल गद्दाफ़ी के सुरक्षा मामलों के प्रमुख मनसूर डॉ निजेर चले गए हैं.

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