अलवर-किश्तवाड़ से गिरफ़्तारियां

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Image caption हाईकोर्ट के बाहर हुए विस्फोट के मामले में अभी ठोस सुराग नहीं मिले हैं.

दिल्ली में हाईकोर्ट के पास हुए धमाके की जांच कर रहे अधिकारियों के हाथ फिलहाल कोई अहम सुराग़ नहीं लगा है लेकिन इस सिलसिले में छह और लोगों को अलवर और किश्तवाड़ से गिरफ़्तार किया गया है.

राजस्थान के अलवर शहर के ज़िलाधिकारी आशुतोष एटी पेडनाकर ने बीबीसी से हुई बातचीत में बताया कि कश्मीरी मूल के दो लड़कों को धमाकों की जांच के सिलसिले में अलवर से गिरफ़्तार किया गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक ये लोग किशनगढ़ इलाके में होटल ढूंढने पहुंचने थे और होटल मालिक ने पुलिस को इनके बारे में सूचित किया.

इस बीच हरकत-उल-जिहाद (हूजी) की ओर से मीडिया संस्थानों को भेजी गई मेल के सिलसिले में भारत प्रशासित कश्मीर के किश्तवाड़ इलाके से चार लोगों को गिरफ़्तार किया है. हरकत-उल-जिहाद ने मेल भेजकर इस विस्फोट की ज़िम्मेदारी ली थी.

इस मामले में की जा रही जांच के तहत चार और लोगों को गिफ़्तार किया गया है. पुलिस ने इनमें से तीन के नाम बताते हुए कहा कि जिस साइबर कैफ़े से यह मेल भेजा गया वहां के एक कर्मचारी अश्विनी कुमार को हम पहले ही गिफ़्तार कर चुके हैं. इसकी अगली कड़ी के रुप में सनी शर्मा, संजय कुमार और राजेंद्र कुमार को भी गिफ़्तार किया गया है.

'समुदाय विशेष पर निशाना नहीं'

पुलिस के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि धमाकों से जुड़ी जांच को लेकर किसी एक समुदाय विशेष को निशाना नहीं बनाया जा रहा है और हर बारीकी को ध्यान में रखकर पूछताछ की जा रही है.

उन्होंने कहा कि इस मामले में हर संभव आयाम से जांच की जा रही है और इस बात का भी ख्याल रखा जा रहा है कि बेगुनाह लोग इसकी गिरफ्त में न आ जाएं.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ‘ग्लोबल कैफ़े’ के केबिन नंबर तीन से रात एक बजकर 30 मिनट पर मेल भेजा गया. हालांकि मीडिया संस्थानों को जो मेल मिला है वह एक बजकर 14 मिनट पर प्राप्त हुआ है.

अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में तकनीकी जांच के लिए कंप्यूटर को सील कर दिया गया है और इसे जांच के लिए हैदराबाद भेजा रहा है. बुधवार को हुए धमाकों के बाद से अब तक इस संबंध में चार अलग-अलग ईमेल आ चुके हैं और जांच अधिकारियों के लिए ये ईमेल परेशानी का सबब बनी हुई हैं.

चार ईमेल में से तीन ईमेल भारतीय चरमपंथी गुट इंडियन मुजाहिद्दीन के हवाले से हैं.

इस बीच केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने एक संवाददाता सम्मेलन में इन चारों ईमेल की प्रामाणिकता को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि वो इन्हें पूरी तरह नकार नहीं सकते लेकिन यह भी ज़रूरी नहीं है कि ये मेल उन्ही लोगों की ओर से लिखे और भेजे गए हों जो इन धमाकों के लिए ज़िम्मेदार हैं.

शुक्रवार को गृह मंत्री पी चिदंबरम ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि अभी तक जो जानकारियाँ मिली हैं उन पर "दिन-रात" काम किया जा रहा है. उन्होंने दिन-रात शब्द पर ज़ोर देकर कहा कि इन जानकारियों के आधार पर विदेशी एजेंसियों की मदद भी ली जा रही है.

इस बीच विस्फोट में मरने वालों की संख्या अब तेरह तक पहुँच गई है और 88 लोग घायल हुए हैं. घायलों में से 40 को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है.

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