मिस्र में इसरायल विरोधी दंगे

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Image caption प्रदर्शनकारियों ने दूतावास को घेरकर हथौड़ों व लोहे की छड़ों से बाहरी दीवार गिरा दी

शुक्रवार को काहिरा में इसरायल के दूतावास पर हमले के बाद मिस्र में इसरायल विरोधी दंगों के चलते देश भर में प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है.

मिस्र में सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों की लगातार खबरें आ रहीं हैं. सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ रहे हैं. मिस्र के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि काहिरा में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में तीन प्रदर्शनकारी मारे गए हैं.

घटनाक्रम

यह सब शुक्रवार देर रात शुरू हुआ जब काहिरा में हज़ारों की तादाद में प्रदर्शनकारियों ने इसराइली दूतावास पर हमला कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने दूतावास को घेर लिया और हथौड़ों व लोहे की छड़ों का इस्तेमाल करते हुए बाहरी दीवार गिरा दी गई और कई वाहनों को आग लगा दी गई.

अधिकारियों का कहना है कि पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण करने के लिए आँसू गैस का इस्तेमाल किया. साथ ही गोलियों की आवाज़ें भी सुनाई दी हैं.

प्रदर्शनकारियों ने दूतावास पर इसराइली झंडे की जगह मिस्र का झंडा लगा दिया. इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने इसराइली दूतावास पर धावा बोला और उसके बाद उन्होंने पास में स्थित पुलिस मुख्यालय को भी निशाना बनाने की कोशिश की. पुलिस मुख्यालय के सामने हुई भिड़ंत में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए आँसू गैस का इस्तेमाल किया.

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Image caption होस्नी मुबारक के सत्ता से हटने के बाद मिस्र में इसरायल के खिलाफ़ दबा हुआ गुस्सा फूट कर निकल रहा है

आपात बैठक

समाचार ऐजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक मिस्र के प्रधानमंत्री ने स्थिति पर विचार विमर्श के लिए कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई है.

इसराइल के रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि रक्षा मंत्री ऐहुद बराक ने अमरीकी रक्षा मंत्री लिओन पनेटा से फोन पर बात की और मिस्र में इसराइली दूतावास को बचाने के लिए मदद मांगी.

इस गुहार के बाद अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बयान जारी कर मिस्र से अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का पालन कर इसराइली दूतावास को बचाने की अपील की है.

इस बीच, मिस्र के सरकारी टीवी चैनल ने ख़बर दी है कि इसराइली राजदूत अपने परिवार समेत काहिरा हवाई अड्डे से एक सेना के हवाई जहाज़ से मिस्र छोड़ कर चले गए हैं.

एक महीने पहले मिस्र की सीमा पर इसराइली सैनिकों के हाथों मिस्र के पांच सुरक्षा बलों के मारे जाने के बाद से ही हिंसक घटनाएं बढ़ गई हैं.

मिस्र ने इसराइल को इन हमलों के लिए ज़िम्मेदार ठहराते हुए जाँच की मांग की थी और इसराइल में अपने देश के राजदूत को वापस बुलाने की घोषणा की थी.

मिस्र में सत्ता संभाल रही कार्यकारी परिषद को भी इसराइल के साथ संबधों को लेकर भारी दबाव का सामना करना पड़ रहा है.

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