पुनर्निमाण के लिए अरब देशों को मदद

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Image caption अरब देशों में जनांदोलनों के बाद पुनर्निमाण और विकास का काम आगे बढ़ना एक बड़ी चुनौती है.

दुनिया के सबसे धनी देशों के वित्त मंत्रियों ने अरब देशों में हुई जनांदोलनों के बाद पुनर्निमाण और विकास का काम आगे बढ़ाने के लिए इन देशों के नेताओं के साथ बैठक की है.

लीबिया, मिस्त्र और ट्यूनिशिया के प्रतिनिधियों की ओर से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और यूरोपीय बैंक के अधिकारियों से की गई मुलाकात के बाद अरब देशों को पुनर्निमाण और लोकतंत्र बहाली के लिए 38 अरब डॉलर देने की बात कही गई है.

जिन दो देशों को पहले-पहल ये मदद दी जाएगी उसमें मिस्र और ट्यूनिशिया शामिल हैं जहां लंबे समय से सत्ता पर काबिज़ रहे शासकों को सत्ता बाहर किया गया.

रुस सहित औद्योगिक रुप से विकसित जी-7 देशों के समूह ने कहा है कि वो मोरक्को, जॉर्डन, मिस्त्र और ट्यूनिशिया के लिए सहायता की रुपरेखा तैयार करेंगे.

बीबीसी संवाददाता जोए लिनाम के मुताबिक इन देशों ने कहा है कि मदद के रुप में 38 अरब डॉलर की राशि दी जाएगी.

ब्रिटेन के चांसलर जॉर्ज ओसबर्न ने कहा है कि 1990 में साम्यवाद के विघटन के बाद और मध्यपूर्व के पुर्निमाँ के लिए भी इस तरह की मदद दी गई थी.

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