अमरीका और विश्व भर में 9/11 पर श्रद्धांजलि सभांए

Image caption लोगों ने अपने परिजनों के नामों के आगे फूल चढ़ाए

अमरीका भर में 11 सितंबर की दसवीं बरसी के मौक़े पर मृतकों की याद में समारोह आयोजित हुए हैं.

न्यूयार्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, पेंटागन और पेनसिल्वेनिया में दस साल पहले विमानों का अपहरण कर किए गए हमलों में तीन हज़ार लोग मारे गए थे.

विमानों के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से टकराने और दूसरी जगहों पर गिरने के क्षणों में एक-एक मिनट का मौन रखा गया.

राष्ट्रपति बराक ओबामा अल-क़ायदा के हमलों में आए तीनों स्थानों पर गए और वहां उन्होंने मारे गए लोगों को श्रद्दांजलि दी.

अल-क़ायदा के हमलों की चेतावनी के मद्देनज़र देश भर में कड़ी सुरक्षा के इंतज़ाम किए गए हैं.

अमरीका पर हुए इस हमले में 100 से ज़्यादा देशों के मूल निवासी मारे गए थे.

लंदन सहित पूरे विश्व में इस अवसर पर समारोह आयोजित किए गए और मृ्त्कों को श्रंद्धांजलि दी गई है.

इटली में इसाइयों के सबसे बड़े धर्म गुरू पोप ने एक सामुहिक प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया.

हालांकि अफ़ग़ानिस्तान में रविवार के दिन तालिबान ने नैटो के एक ठिकाने पर हमला कर दिया था जिसमें दो अफ़ग़ानी मारे गए थे जबकि 100 से ज़्यादा लोग घायल हो गए थे.

घायलों में ज़्यादातर अमरीकी सैनिक थे.

अफग़ानिस्तान में अमरीका के राजदूत ने कहा है कि वहां अमरीकी सैनिकों को इसलिए रखा गया है ताकि वो अमरीका पर होनेवाले हमलों को रोक सके.

न्यूयॉर्क

सबसे बड़ा समारोह न्यूयॉर्क में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की जगह पर हुआ है जहां अपहृत विमानों को दो भवनों से टकड़ा दिया गया था.

न्यूयॉर्क में ग्राउंड ज़ीरो पर राष्ट्रपति बराक ओबामा, उनकी पत्नी मिशेल के अलावा पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश भी मौजूद थे.

समारोहों की शुरुआत पुलिस और फायरब्रिगेड की परेड से शुरु हुई जिसके बाद श्रद्धांजलि देते हुए गीत गाया गया.

रिश्तेदारों ने मारे गए सभी लोगों के नाम पढ़े. नाम पढते पढ़ते कई लोग रोने लगे.

मारे गए सभी लोगों के नाम पढ़े जाने के दौरान सगे संबंधी रोते हुए देखे गए. मृतकों की याद में एक मिनट का मौन रखा गया.

मारे गए सभी लोगों के नाम जलाशय रूपी मेमोरियल के किनारों की दीवारों पर लिखे गए हैं.

ज़बर्दस्त सुरक्षा इंतज़ामों के बीच राष्ट्रपति ओबामा ने समारोह में हिस्सा लिया और संक्षिप्त रुप से लोगों को संबोधित भी किया.

अपने भाषण में ओबामा ने बाइबिल से एक पैराग्राफ पढ़ा जिसमें भगवान की मजबूती और उनमें शरण लेने का ज़िक्र है.

इसके अलावा वाशिंगटन और पेनसिलावेनिया में हो रहे समारोहो में भी वहां मारे गए लोगों के रिश्तेदार जमा हुए हैं.

वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के पहले टावर से विमान अमरीकी समय के अनुसार सुबह 8.46 मिनट पर टकराया था जबकि दूसरा विमान 9.03 पर टकराया था.

वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर समारोह की शुरुआत करते हुए न्यूयॉर्क के मेयर माइकल ब्लूमबर्ग ने कहा कि ग्यारह सितंबर की काली रात के दस वर्ष बाद आज न्यूयॉर्क में नीला आकाश खिला हुआ है.

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Image caption लंदन के सेंट पॉल चर्च के बाहर श्रृंद्धांजलि देने के लिए इंतज़ार करते लोग.

कड़ी सुरक्षा

न्यूयॉर्क ही नहीं पूरे अमरीका में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. न्यूयॉर्क में समारोह स्थल को किले की तरह घेर कर रखा गया है और सभी गाड़ियों की तलाशी ली जा रही है.

गुप्तचर संस्था सीआईए ने पिछले हफ्ते चेतावनी दी थी कि अल क़ायदा इस अवसर पर हमले की कोशिश कर सकता है और इसके लिए अमरीकी नागरिकों का ही प्रयोग किया जा सकता है.

रविवार को ही वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के स्थान पर बने मेमोरियल को खोला जा रहा है और इसे सोमवार से जनता के लिए खोल दिया जाएगा.

यह मेमोरियल मूल रुप से दो जलाशय की शक्ल में है जहां दस वर्ष पहले दोनों टावर हुआ करते थे. इस घटना में जितने लोग भी मारे गए थे उन सभी के नाम इन जलाशयों के ऊपर की दीवारों पर खोद कर लिखे गए हैं.

रविवार को हुए इन समारोहों की शुरुआत अफ़गानिस्तान के काबुल स्थित दूतावास में भी हुई जहां अमरीकी झंडे को आधा झुका लिया गया. ये न केवल उन लोगों की याद में था जो 11 सितंबर को मारे गए थे बल्कि उन सैनिकों के लिए भी था जो इस घटना के बाद अफ़गानिस्तान के युद्ध में अब तक मारे गए हैं.

इस घटना के बाद अमरीका ने तालिबान शासन वाले अफ़गानिस्तान पर हमला किया था क्योंकि अमरीका के अनुसार इन हमलों को अंजाम देने वाले अल क़ायदा नेता ओसामा बिन लादेन अफ़गानिस्तान में छुपे हुए थे.

इस अवसर पर अमरीकी राजदूत रॉयल क्राकर ने माना कि 11 सितंबर के बाद से चल रहे युद्ध से कई लोग थक चुके हैं.

हालांकि इस बीच अफ़गानिस्तान में हुए एक हमले में सौ से अधिक विदेशी सैनिक घायल हुए हैं.

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