अमरीकी नागरिकों की रिहाई का खंडन

Image caption शेन बाउर (बाएं)और जोशुआ फ़ट्टल ने कहा कि वे इत्तेफ़ाक़ से ईरान की सीमा में पहुंच गए

ईरान के अधिकारियों ने जासूसी के अभियोग में जेल में बंद दो अमरीकी नागरिकों की रिहाई के फ़ैसले का खंडन किया है.

ईरान के अंग्रेज़ी चैनल प्रेस टीवी ने एक अधिकारी को ये कहते हुए दिखाया है कि दोनों अमरीकी शेन बॉर और जोशुआ फ़ैटल को अभी लंबे समय तक जेल में रहना होगा.

राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने मंगलवार को घोषणा की थी कि दोनों अमरीकियों को कुछ दिनों में रिहा किया जा सकता है.

आरोप

इन दोनों को 2009 में जासूसी करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था और पिछले साल आठ वर्ष की क़ैद की सज़ा सुनाई गई थी.

दोनों अमरीकियों का कहना है कि वे इराक़ से सटी सीमा पर भ्रमण कर रहे थे और ग़लती से ईरान की सीमा में पहुंच गए.

बुधवार को ईरान की न्यायपालिका की वेबसाइट पर जारी एक बयान में कहा गया है, ''दोनों अमरीकी नागरिकों की रिहाई के फ़ैसले का खंडन करते हुए न्यायपालिका ये घोषित करती है कि ज़मानत याचिका और रिहाई के संबंध में केस की सुनवाई कर रहे जज अध्ययन कर रहे हैं.''

वक्तव्य में आगे कहा गया है, ''इस बारे में कोई भी जानकारी न्यायपालिका की तरफ़ से दी जाएगी और दूसरे स्रोतों से जारी की गई जानकारी वैध नहीं है.''

मंगलवार को राष्ट्रपति अहमदीनेजाद को अमरीकी मीडिया को दिए इंटरव्यू में ये कहते हुए दिखाया गया था कि दोनों अमरीकियों को मानवीय आधार पर माफ़ी दी जा सकती है और उन्हें रिहा किया जा सकता है.

मंगलवार को एक ईरानी जज ने कहा था कि पांच-पांच लाख डॉलर का भुगतान करने पर वो उन्हें ज़मानत रिहा कर सकते हैं.

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