गद्दाफ़ी विद्रोही लड़ाकों पर दुर्व्यवहार का आरोप

एक अफ़्रीकी प्रवासी कामगार इमेज कॉपीरइट AP
Image caption ऐसे ही एक कामगार से बात करता एक पत्रकार

बीबीसी की एक जाँच में अफ़्रीकी प्रवासी मजदूरों ने लीबिया की अंतरिम सरकार के सदस्य और कर्नल गद्दीफ़ी के ख़िलाफ़ लड़ रहे लोगों पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए है.

उनका कहना है कि कर्नल गद्दाफ़ी के लिए भाड़े के सैनिक होने का आरोप लगाते हुए सैकड़ों लोगों को जेल में डाल दिया गया, उनके घरों को उजाड़ दिया गया और इसके अतिरिक्त महिलाओं और लड़कियों को पीटा गया और उनसे बलात्कार किया गया.

ख़बरें हैं कि जैसे ही गद्दाफ़ी विरोधी लड़ाकों ने पिछले महीने त्रिपोली में प्रवेश किया, उन्होंने गद्दाफ़ी के वफ़ादारों और भाड़े के अफ़्रीकी सैनिकों की तलाश शुरु कर दी और इसके बाद ही दुर्व्यवहार के मामले सामने आए.

क्रूरता

कई साक्षात्कार से पता चला है कि बहुत से विद्रोही लड़ाके त्रिपाली में काले प्रवासी मजदूरों के साथ दुर्व्यवहार पर उतारू हो गए.

उन्हें बिना किसी सबूत के जेल में डाल दिया गया, घर उजाड़ दिए गए और उनकी पिटाई की गई.

इनमें से ज़्यादातर लोग इतने डरे हुए हैं कि वे अपनी पहचान ज़ाहिर नहीं करना चाहते लेकिन कुछ लोगों ने अपनी व्यथा सुनाई है.

एक क्रूर घटना में 25 लड़ाके कथित भाड़े के सैनिकों की तलाश में एक घर में ज़बरदस्ती घुस गए.

वहाँ उन्होंने लोगों को पीटा, उनके सामान चुरा लिए, मकान मालिक को घर से बाहर भगा दिया और उनकी 16 साल की लड़की के साथ बलात्कार किया.

पीड़ित लड़की ने बीबीसी को बताया, "उन्होंने मेरे माता पिता दोनों को टॉयलेट में बंद कर दिया फिर उनमें से छह लोगों ने मेरे साथ बलात्कार किया. वे हमारा समान छीन कर ले गए और कुछ खाना भी. मेरे पिता ने इसका विरोध किया तो उन्होंने बंदूक के बट से उन्हें मारा और घर से बाहर ले गए. तब से अब तक मेरे पिता का पता ही नहीं चला है."

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हालांकि राष्ट्रीय अंतरिम परिषद के नेता लगातार अपने लड़ाकों से अपील कर रहे हैं कि वे बदले की कार्रवाई के रूप में लोगों पर हमले न करें.

लेकिन ये स्पष्ट है कि इसका कुछ लोगों पर असर नहीं हुआ है.

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