लीबिया में मिली 'सामूहिक कब्र'

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Image caption लीबिया में कई लोगों के रिश्तेदार अबू सलीम जेल में मारे गए थे.

लीबिया की राजधानी त्रिपोली में सामूहिक कब्र मिली है जिसमें 1270 लाशें पाई गई हैं.

राष्ट्रीय अंतरिम परिषद के अनुसार ये लाशें उन लोगों की हैं जिन्हें 1996 में अबू सलीम जेल में सुरक्षा बलों ने मार डाला था.

कर्नल गद्दाफ़ी के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत इस वर्ष उस वकील की रिहाई को लेकर हुई थी जो अबू सलीम जेल में मारे गए क़ैदियों के परिवारजनों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे.

कब्रगाह वाले स्थान पर जल्दी ही खुदाई का काम शुरु होगा.

अंतरिम परिषद का कहना है कि अबू सलीम जेल परिसर में ही एक स्थान पर कई हड्डियां मिली थीं जिससे इन कब्रों का पता चला है.

इस बारे में 1996 में जेल के सुरक्षा गार्ड रहे लोगों से पूछताछ की गई और कब्रों की पहचान हो गई.

1996 में अबू सलीम के कई क़ैदी खराब जेल परिस्थितियों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे थे.

कब्रों के स्थान पर कई हड्डियां और कपड़े भी मिले हैं.

सामी असदी के दो भाई इस घटना में मारे गए थे. सामी असदी के परिवार वाले घटनास्थल पर गए थे.

उन्होंने बताया कि पाँच वर्ष पहले उन्हें बताया गया कि उनके दोनों भाईयों की मौत प्राकृतिक रुप से हो गई है लेकिन उनकी लाशें कभी सौंपी नहीं गई.

बीबीसी से बातचीत में सामी असद का कहना था, ‘‘ बिल्कुल मिलीजुली भावनाएं हैं. हमें खुशी है कि क्रांति सफल रही लेकिन जहां आज मैं खड़ा हूं वहाँ मेरे भाई और न जाने मेरे कितने दोस्त मारे गए हैं. वो भी सिर्फ इसलिए कि वो कर्नल गद्दाफ़ी को पसंद नहीं करते थे.’’

बीबीसी संवाददाता जोनाथन हेड का कहना है कि अभी भी इस बारे में कम जानकारी है कि 1996 में किन परिस्थितियों में लोगों को मारा गया था.

उस दौरान मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि प्रदर्शनों के बाद क़ैदियों को उनके कमरों में ही हथगोलों और गोलियों से मार डाला गया था.

हालांकि अब फोरेंसिक टीम की जांच के ज़रिए लोगों की मौत के कारणों और परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जाएगी.