लीबिया: सियर्त पर विद्रोहियों के हमले तेज़

इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption सियर्त शहर पर कब्ज़े के लिए भीषण लड़ाई जारी है.

लीबिया की अंतरिम सरकार के लड़ाकूओं ने कर्नल गद्दाफ़ी के समर्थकों के क़ब्ज़े वाले शहर सियर्त पर हमले तेज़ कर दिए हैं.

राष्ट्रीय अंतरिम परिषद यानि एनटीसी के लड़ाकूओं ने शनिवार से ही अपनी मुहिम तेज़ कर दी थी और बताया जाता है कि एक समय पर वो सियर्त शहर से केवल एक किलोमीटर के फ़ासले पर थे.

कर्नल गद्दाफ़ी सियर्त शहर में ही पैदा हुए थे लेकिन फ़िलहाल वो शहर में हैं या नहीं इसकी कोई पुख़्ता जानकारी नहीं है.

लीबिया में अब कर्नल गद्दाफ़ी के समर्थकों के क़ब्ज़े में कुछ ही शहर बचे हैं. लीबिया में नई सरकार बनाने के प्रयास में सियर्त शहर पर जीत प्रतीकात्मक दृष्टि से एनटीसी के लिए बेहद अहम होगी.

सियर्त शहर में मौजूद बीबीसी संवाददाता एलेस्टेयर लीटहेड के मुताबिक़ गद्दाफ़ी-विरोधी सेना जीत के बेहद क़रीब है.

ख़बरों के मुताबिक़ अंतरिम सरकार के कम से कम दो लड़ाकू मारे गए हैं. सेना ने पिछले हफ़्ते भी सियर्त शहर पर हमला करने की कोशिश की थी लेकिन गद्दाफ़ी समर्थक सेना ने उन्हें घुसने नहीं दिया.

एनटीसी को गद्दाफ़ी समर्थकों के क़ब्ज़े वाले एक अन्य शहर, त्रिपली के पास बसे बनी-वलीद पर जीत हासिल करने में दिक़्क़तें पेश आ रही हैं.

राजनीति

इस बीच एनटीसी के अध्यक्ष, मुस्तफ़ा अब्दुल जलील ने घोषणा की है कि एक हफ़्ते के अंदर अंतरिम सरकार का ऐलान कर दिया जाएगा.

वहीं लीबिया के अंतरिम प्रधानमंत्री महमूद जिब्रिल ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया और कहा कि लीबिया में लोकतंत्र अब धीरे-धीरे जीवंत हो रहा है और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से मदद की अपील कर रहा है.

जिब्रिल ने सदस्य देशों से लीबिया की संपत्ति पर लगाई रोक को हटाने की अपील भी की और कहा कि इससे देश के पुनर्निर्माण में सहायता मिलेगी.

एनटीसी की सेना ने अगस्त में लीबिया की राजधानी त्रिपली पर क़ब्ज़ा कर लिया था. उसके बाद से ही कर्नल गद्दाफ़ी के बारे में कोई पुख़्ता जानकारी नहीं मिल पाई है.

लीबिया पर 42 साल तक शासन कर चुके गद्दाफ़ी के कई परिवारवाले अब पड़ोसी देशों, अल्जीरिया और निजैर में शरण ले चुके हैं.

संबंधित समाचार