सिर्त में भीषण संघर्ष, आम लोग फँसे

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Image caption सिर्त में गद्दाफ़ी विरोधी सैनिक घुसे हैं मगर उन्हें प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है

लीबिया के सिर्त नगर में भीषण संघर्ष चल रहा है जहाँ अंतरिम सरकार के सशस्त्र समर्थकों को गद्दाफ़ी के वफ़ादार लोगों की ओर से ज़बरदस्त प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है.

शहर के बाहरी इलाक़े में मौजूद एक बीबीसी संवाददाता के अनुसार दोनों पक्षों के बीच मशीन गन से गोलियाँ चलाई जा रही हैं और रॉकेट दागे जा रहे हैं.

राजधानी त्रिपोली के पूर्व में स्थित इस शहर में अभी कई हज़ार आम लोग भी फँसे हुए हैं.

मानवीय कार्यों से जुड़ी संस्थाओं ने उन लोगों के हालात पर चिंता भी जताई है.

अब लीबिया में दो ही प्रमुख शहरों पर गद्दाफ़ी समर्थकों का कब्ज़ा है जिनमें सिर्त के अलावा लगभग ढाई सौ किलोमीटर पश्चिम में स्थित शहर बनी वलीद शामिल है.

समाचार एजेंसी रॉयटर के अनुसार राष्ट्रीय अंतरिम परिषद यानी एनटीसी के सैकड़ों सैनिक सिर्त के भीतर घुस गए हैं मगर निशानेबाज़ों ने उनका शहर में आगे बढ़ना रोका हुआ है.

लगातार दूसरे दिन गद्दाफ़ी विरोधी सैनिक शहर के बीच में स्थित एक चौराहे से लगभग दो किलोमीटर दूर ही रोक कर रखे गए हैं.

एनटीसी की मुश्किल

एनटीसी के एक लड़ाकू अहमद सालेह ने रॉयटर समाचार एजेंसी को बताया, "गद्दाफ़ी समर्थक सेना ने कई निशानेबाज़ों को उस चौराहे के इर्द-गिर्द तैनात कर दिया है और जब तक हम उन निशानेबाज़ों को नहीं हटा लेते हमारे लिए आगे बढ़ना मुश्किल है."

समाचार एजेंसी के अनुसार गोलीबारी की तेज़ आवाज़ें सुनी जा सकती हैं और नैटो के लड़ाकू विमान ऊपर मँडरा रहे हैं.

तटीय इलाक़ों से भी संघर्ष की ख़बर है.

मानवीय कार्यों में लगी संस्थाओं ने चेतावनी दी है कि सिर्त और बनी वलीद में मौजूद आम लोग मदद के लिए अपील कर रहे हैं क्योंकि वहाँ चिकित्सकीय और खाद्य सामग्री कम होती जा रही है

बीबीसी संवाददाता एलेस्टर लीथेड के अनुसार एक बार जब दोनों ओर के लड़ाकू मोर्चा सँभाल लेंगे तब स्पष्ट संकेत मिल पाएँगे कि सिर्त जल्दी ही अंतरिम सरकार के लड़ाकुओं के क़ब्ज़े में जाएगा या फिर वहाँ भीषण संघर्ष होगा जिसमें आम लोग और सैनिकों की बड़ी तादाद में जान जाएगी.

लीथेड के अनुसार लीबिया की नई सरकार के पास जिस तरह की सैनिक ताक़त है और वो जितनी प्रतिबद्ध है उसके चलते वे शायद कर्नल गद्दाफ़ी के गृह नगर सिर्त पर क़ब्ज़ा कर ही लें मगर वहाँ ये ख़बर फैली हुई है कि विद्रोही बदला लेना चाहते हैं इसलिए सिर्त को बचाने में लगे लोग ये सोचते हुए जान देने तक संघर्ष के लिए तैयार हैं कि उनके पास तो खोने के लिए कुछ है ही नहीं.

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