अवलाकी की मौत के बाद अमरीका ने अलर्ट जारी किया

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Image caption अवलाकी की मौत से अमरीका के ख़िलाफ़ चरमपंथी हमले का ख़तरा बढ़ गया है.

अमरीकी विदेश मंत्रालय ने अमरीकी नागरिकों के लिए एक चेतावनी जारी कर कहा है कि अल-क़ायदा के एक प्रमुख नेता अनवर अल-अवलाकी के मारे जाने के बाद दुनिया भर में चरमपंथी हमले का ख़तरा बढ़ गया है.

अमरीका में जन्में कट्टर मुस्लिम धार्मिक गूरू और यमन में अल-क़ायदा के प्रमुख अनवर अल-अवलाकी की शुक्रवार को एक अमरीकी ड्रोन हमले में मौत हो गई थी.

विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि अवलाकी की मौत अमरीकी हितों के ख़िलाफ़ जवाबी कार्रवाई करने के लिए उनके समर्थकों को प्रेरित करेंगी.

ख़बरों के मुताबिक़ उस ड्रोन हमले में अवलाकी के साथ-साथ अमरीका में ही जन्में समीर ख़ान और सऊदी अरब के एक नागरिक भी मारे गए थे.

सऊदी नागरिक के मारे जाने की हालाकि अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है और ख़बरों के मुताबिक़ वो बम बनाने में माहिर था.

पूरी दुनिया के लिए चेतावनी जारी करते हुए अमरीकी विदेश मंत्रालय ने कहा है, ''अवलाकी की मौत पूरी दुनिया में कुछ व्यक्ति विशेष या संगठन को अमरीका विरोधी हमले के लिए प्रेरित कर सकती है जो अमरीकी नागरिक या अमरीकी हितों से इसका बदला लेना चाहते हैं.''

अमरीका की तरफ़ से जारी चेतावनी में कहा गया है कि अवलाकी और अल-क़ायदा के दूसरे नेताओं ने इससे पहले अमरीकी नागरिकों को मारने का आह्वान किया था.

इसी साल मई में अल-क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के एक अमरीकी सैन्य कार्रवाई में मारे जाने के बाद भी इसी तरह की चेतावनी जारी की गई थी.

अवलाकी 2007 के दिसंबर से यमन में छुपे हुए थे. अमरीका के अनुसार अवलाकी ने अमरीकी विमानों को बम से उड़ाने और अमरीकी नागरिकों को ज़हर देकर मारने की साज़िश में एक अहम भूमिका निभाई थी.

अवलाकी की मौत

ऐसा माना जाता है कि पिछले साल अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ख़ुद अवलाकी को मारने के निर्देश जारी किए थे.

यमन की राजधानी सना से लगभग 140 किलोमीटर दूर जॉफ़ प्रांत में एक ड्रोन हमले में अवलाकी मारे गए थे.

अवलाकी के साथ उनके एक सहयोगी समीर ख़ान के भी मारे जाने की ख़बर है.

अमरीका में जन्में पाकिस्तानी मूल के समीर ख़ान ने अल-क़ायदा की विचारधारा को फैलाने के लिए एक ऑनलाईन मैगज़ीन बनाई थी.

ख़बरों के मुताबिक उस हमले में अवलाकी के साथ एक और चरमपंथी हसन अल-असीरी भी मारे गए थे.

समाचार एजेंसी एपी ने अमरीकी अधिकारियों के हवाले से कहा है कि ख़ुफ़िया जानकारी के मुताबिक़ अल-असीरी भी मारे गए हैं लेकिन अधिकारियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है.

लेकिन रॉयटर्स समाचार एजेंसी ने यमन के अधिकारियों के हवाले से ख़बर दी है कि वे हसन अल-असीरी के मारे जाने की ख़बर को नकारते हैं.

29 साल के असीरी के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने अमरीका के ख़िलाफ़ दो चरमपंथी हमले की कोशिश में विस्फोटक बनाए थे.

इस बीच यमन की सरकार ने राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सालेह को सत्ता छोड़ने की अपील को दोहराते रहने के लिए अमरीका की आलोचना की है.

अमरीका ने कहा है कि अवलाकी की मौत ने उसकी उस मांग में कोई बदलाव नहीं लाया है कि राष्ट्रपति सालेह को सत्ता छोड़ देनी चाहिए.

पिछले कई महीनों से यमन की जनता राष्ट्रपति सालेह के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रहें हैं.

लेकिन यमन के उप सूचना मंत्री अबदु अल-जनादी ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान कहा कि अमरीकी तो उनका भी सम्मान नही करते हैं जो उनके साथ सहयोग करते हैं.

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