उत्तरी इसराइल में मस्जिद को आग लगाई

मस्जिद इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption उत्तरी इसराइल में मस्जिद को काफ़ी नुक़सान पहुँचा है

उत्तरी इसराइल में अरब निवासियों के तुबा-जांगरिया गांव में संदिग्ध यहूदी कट्टरपंथियों ने एक मस्जिद को आग लगा दी है.

इससे मस्जिद को काफ़ी नुक़सान हुआ है और इसराइली सेना के रेडियो के अनुसार कालीन, किताबें और पवित्र क़ुरान को भी क्षति पहुँची है.

तुबा-जांगरिया के सैकड़ों निवासियों ने इस हमले के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किए हैं और कई जगहों पर पुलिस के साथ झड़पें होने की ख़बरें भी मिली हैं.

वहाँ मस्जिद की दीवारों पर हीब्रू में हिंसक यहूदी अभियान के पक्ष में नारे लिखे हुए हैं.

इसराइल के राष्ट्रपति शिमोन पेरेस ने इस घटना को इसराइल के लिए 'शर्मनाक' बताया है.

उधर प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा सेवाओं को आदेश दिया है कि जल्द से जल्द दोषियों का पता लगाया जाए.

उन्होंने कहा, "ये कार्रवाई इसराइल के मूल्यों के ख़िलाफ़ है. इसराइल धार्मिक स्वतंत्रता और इबादत की आज़ादी को अत्यंत महत्व देता है."

ग़ौरतलब है कि इसराइल के अरब निवासी कुल जनसंख्या का 20 प्रतिशत हैं. ऐसे हमले पश्चिमी तट में तो होते रहे हैं लेकिन इस इलाक़े में ऐसे हमले आम नहीं हैं.

फ़लस्तीनियों का प्रदर्शन

उधर पश्चिमी तट और ग़ज़ा पट्टी में सैकड़ों फ़लस्तीनियों ने प्रदर्शन किया है.

वे उन फ़लस्तीनियों के समर्थन में सड़कों पर उतरे थे जो जेल में क़ैद हैं.

इसराइल की जेलों में क़ैद लगभग 6000 फ़लस्तीनी भूख हड़ताल पर हैं और उनकी प्रमुख मांगें हैं कि उन्हें अकेला न रखा जाए, रिश्तेदारों से मिलते समय उन्हें हथकड़ियाँ न लगाई जाएँ और जेल में स्थितियाँ बेहतर हों.

संबंधित समाचार