रूस ने सीरिया पर प्रस्ताव का विरोध किया

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Image caption सीरिया में पिछले छह महीने से राष्ट्रपति बशर अल असद के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं

रूस ने कहा है कि वो सुरक्षा परिषद में सीरिया के बारे में लाए जानेवाले प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगा.

सुरक्षा परिषद में मंगलवार को इस प्रस्ताव का मसौदा पेश किया जाना है जिससे सीरिया में लोकतंत्र-समर्थकों के दमन की भर्त्सना की जाएगी.

रूस के विदेश उपमंत्री गेन्नादी गतिलोफ़ ने कहा है कि रूस ऐसे मसौदे का समर्थन नहीं कर सकता जिसमें दूसरे देशों से सीरिया के आंतरिक मामलों में लिप्त नहीं होने की अपील नहीं की गई हो.

मगर अभी ये स्पष्ट नहीं है कि रूस प्रस्ताव को रोकने के लिए वीटो के अधिकार का इस्तेमाल करेगा कि नहीं.

सीरिया पर जनविरोध के दमन के लिए बलप्रयोग को बंद करने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव पड़ रहा है.

संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि छह महीने पहले शुरू हुए विरोध के दमन के लिए की गई कार्रवाई में अब तक 2700 लोग मारे जा चुके हैं.

सीरिया सरकार का कहना है कि वो सुधार करने जा रही है और उसकी विपक्ष से बात हो रही है.

उसने हिंसा और अशांति के लिए हथियारबंद गिरोहों को ज़िम्मेदार ठहराया है.

पाबंदी हटी

इस बीच सीरिया सरकार ने देश में कई उपभोक्ता सामग्रियों और कच्चे उत्पादों के आयात पर लगी आंशिक रोक हटा ली है.

सीरिया सरकार ने दो सप्ताह पहले विदेशी मुद्रा के संचय के उद्देश्य से ये अस्थायी प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी.

मगर इस क़दम से सीरिया के व्यापारी और उद्योगपतियों में असंतोष था.

महँगाई बढ़ने के कारण आम लोग भी इस पाबंदी से नाराज़ थे.

सीरिया के आर्थिक मामलों के मंत्री ने भी स्वीकार किया है कि इस अस्थायी पाबंदी से देश को अनुमान से ज़्यादा नुक़सान उठाना पड़ा है.

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