'अगले दशक में होगा मेड इन अमरीका का बोलबाला'

इमेज कॉपीरइट REUTERS
Image caption चीन ने पिछले साल अमरीका को पछाड़ते हुए दुनिया के सबसे बड़े उत्पादक के रुप में अपनी जगह बना ली है.

बॉस्टन में हुए एक अध्ययन के मुताबिक चीन में कामगारों पर लागत बढ़ने से इस दशक के अंत तक उत्पादन क्षेत्र से जुड़ी नौकरियों के अवसर फिर अमरीका में पैदा होंगे.

बॉस्टन कन्सल्टिंग ग्रुप की ओर से किए गए इस अध्ययन के मुताबिक़ अगले दस साल में अमरीका में तीस लाख तक नौकरियों के अवसर पैदा होंगे. रिपोर्ट के अनुसार अमरीका में नई नौकरियाँ बनेंगी क्योंकि चीन से अमरीकी कंपनियाँ हाथ खींचेंगी और घरेलू बाज़ार का रुख़ करेंगी.

बीबीसी संवाददता स्टीव किंग्स्टन के मुताबिक़, अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अमरीका में नौकरियों के अवसर पैदा करने के लिए उत्पादन क्षेत्र पर ज़ोर देने की बात कही है.

ओबामा के मुताबिक इसके ज़रिए ही दीर्घकालिक रुप से विकास का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.

चीन ने पिछले साल अमरीका को पछाड़ते हुए दुनिया के सबसे बड़े उत्पादक के रुप में अपनी जगह बना ली है.

चीन में श्रमिकों की कम आय के चलते कई अमरीकी कंपनियों ने अपनी उत्पादन इकाइयों को एशियाई देशों में स्थानांतरित कर दिया है.

अमरीका के लिए बेहतर तस्वीर

लेकिन बॉस्टन कन्सल्टिंग ग्रुप की ओर से किए गए इस अध्ययन के मुताबिक अगले दशक के अंत तक अमरीका के लिए तस्वीर बेहतर होने वाली है.

अध्ययन के मुताबिक चीन में कामगारों पर लागत 15 से 20 फ़ीसदी सालाना की दर से बढ़ रही है. डॉलर के मुकाबले चीनी मुद्रा की मज़बूत होती स्थिति के चलते चीन में उत्पादन की क़ीमत कम नहीं रह जाएगी.

यही वजह है कि इस दशक के अंत तक चीन से अमरीका में सामान आयात होने के बजाए अमरीका में ही निर्माण किया जाएगा.

इस अध्ययन में अमरीका के कई व्यापार संगठनों के उदाहरण देते हुए कहा गया है कि इन कंपनियों ने पहले ही अपनी उत्पादन इकाईयां स्थानांतरित करनी शुरु कर दी हैं. रिपोर्ट के मुताबिक इस उलट चक्र से 2020 के अंत तक अमरीका में तीस लाख से ज़्यादा नौकरियां पैदा होंगी.

इसके चलते अमरीका में बेरोज़गारी की दर में दो फ़ीसदी की कमी दर्ज हुई.

इस अध्ययन का हवाला देते हुए ओबामा प्रशासन ने अपने उन दावों को सही क़रार देने की पहल भी कर दी है कि अमरीका, एशियाई देशों की ओर से पैदा हुई प्रतिस्पर्धा से निपटने में सक्षम है.

संबंधित समाचार