सच से असहज महसूस करता है चीन: दलाई लामा

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तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने दक्षिण अफ़्रीका में वीडियो लिंक के ज़रिए बातचीत में चीन की आलोचना की है.

नोबेल पुरस्कार विजेता डेसमंड टूटू से वीडिया चर्चा में दलाई लामा ने कहा कि सच बोलकर उन्होंने चीन को असहज महसूस करवाया है.

एएफ़पी के मुताबिक लाइव वीडियो लिंक के दौरान उन्होंने कहा, “कुछ चीनी अधिकारी मुझे दैत्य कहते हैं, ज़ाहिर है कुछ लोग इस दैत्य से डरते हैं. दोगलापना कम्युनिस्ट प्रणाली का हिस्सा बन चुका है. जो लोग सच बोलते हैं उनसे चीन असहज महसूस करता है.”

दलाई लामा आर्चबिशप डेसमंड टूटू का जन्मदिन मनाने दक्षिण अफ़्रीका जाने वाले थे. लेकिन बाद में उन्होंने अपनी यात्रा रद्द कर दी थी.

दलाई लामा के कार्यालय के मुताबिक दक्षिण अफ़्रीकी सरकार ने समय रहते वीज़ा नहीं दिया. हालांकि दक्षिण अफ़्रीका का कहना है कि उस पर चीना का दबाव नहीं था.

विरोध

दोनों नोबेल पुरस्कार विजेताओं के बीच चर्चा यूनिवर्सिटी ऑफ़ द वेस्टर्न केप में हुई. दलाई लामा यहीं पर डेसमंड टुटू के 80वें जन्मदिवस पर भाषण देने वाले थे.

जब दलाई लामा को अपना दौरा रद्द करना पड़ा तो आर्चबिशप ने दक्षिण अफ़्रीका की तीखी आलोचना की थी और कहा था कि वीज़ा न देना रंगभेदी सरकार के क़दमों से भी गया गुज़रा काम है.

दक्षिण अफ़्रीकी संसद के बाहर भी विरोध प्रदर्शन हुए थे. पिछले दो सालों में ये दूसरी बार है जब दक्षिण अफ़्रीका में दलाई लामा का दौरा रद्द किया गया है.

चीन दलाई लामा को एक ख़तरनाक पृथकतावादी मानता है जो तिब्बत को चीन से अलग करना चाहते हैं.

लेकिन उन्होंने बार-बार कहा है कि उनका मकसद तिब्बत को ज़्यादा स्वायत्ता दिालना है आज़ादी दिलाना नहीं.

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