तेलंगाना पर दिल्ली में कई उच्च स्तरीय बैठकें

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Image caption तेलंगाना नेताओं ने राज्य के निर्माण तक हड़ताल जारी रखने की बात कही है

अलग तेलंगाना राज्य के लिए दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है.

राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन और मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी और उपमुख्यमंत्री दामोदर राजसिम्हा दिल्ली में हैं.

राज्यपाल ने प्रधानमंत्री से मुलाक़ात की है. समझा जाता है कि उन्होंने राज्य की स्थिति से प्रधानमंत्री को अवगत करवाया है.

दूसरी ओर कांग्रेस की कोर कमेटी की भी एक बैठक दिल्ली में हुई है.

हालांकि कांग्रेस पार्टी की ओर से राज्य के प्रभारी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा है कि आंध्र प्रदेश से अलग राज्य पर अभी कोई फ़ैसला नहीं होने जा रहा है.

इस बीच आंध्र प्रदेश में तेलंगाना राज्य के लिए आंदोलन छब्बीसवें दिन भी जारी है.

इस आंदोलन की वजह से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है. उद्योग धंधों को भारी नुक़सान उठाना पड़ा है. बुधवार से दूसरी बार रेल रोको आंदोलन शुरु हो रहा है.

बैठकें

मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी, उप मुख्य मंत्री दामोदर राजसिम्हा की चार केंद्रीय मंत्रियों को मिलाकर बनाई गई कोर कमेटी के बीच दिल्ली में शनिवार को हुई बैठक के बाद ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा है, "इस मामले में अभी और वृहत बातचीत की आवश्यकता है. इस तरह की बातचीत एक या दो दिनों में ख़त्म नहीं हो सकती."

ग़ुलाम नबी आज़ाद ने ये भी साफ़ किया है कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के भी विकल्प पर कोई विचार नहीं किया गया है.

संवाददाताओं के इस सवाल के जवाब में कि क्या राज्य में जारी स्थिति के मद्देनज़र राष्ट्रपति शासन लगाने पर विचार किया गया है केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस तरह का कोई उदाहरण मौजूद नहीं है.

ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि इस मामले पर कांग्रेस अध्यक्ष के साथ भी दोपहर बाद एक बैठक होगी.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उनके राजनीतिक सचिव अहमद पटेल और कोर समीति की एक बैठक शुक्रवार को भी हुई थी.

सुबह इसी माले पर आंध्र प्रदेश के राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की बैठक हो चुकी है.

ईएसएल नरसिम्हन ने मनमोहन सिहं से उनके निवास स्थान 7 रेस कोर्स पर मुलाक़ात की और समझा जाता है कि दोनों के बीच राज्य में बनी स्थिति और वहां बिगड़ते हालात को लेकर लंबी चर्चा हुई.

हालांकि इस बैठक पर कोई औपचारिक बयान नहीं आया है.

राज्यपाल ने गृह मंत्री पी चिदंबरम से भी मुलाक़ात की है.

प्रधानमंत्री ने पिछले हफ्ते तेलंगाना राष्ट्रीय समीति के नेता चंद्रशेखर राव से भी मुलाक़ात की थी और उनसे कहा था कि इस मामले के निपटारे के लिए और समय दरकार है.

हालांकि चंद्रशेखर राव ने मनमोहन सिंह की इस मांग को मानने से इंकार कर दिया था कि वो क्षेत्र में जारी हड़ताल को वापस ले लें.

आंदोलन

तेलंगाना में जारी हड़ताल ने वहां के जन-जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है.

इलाक़े में मौजूद सूचना-प्रधौगिकि उधोग, बीपीओ सेक्टर, उद्योग और व्यापार को हड़ताल की वजह से भारी नुक़सान उठाना पड़ रहा है.

एक व्यापार और उद्योग संगठन ने अनुमान लगाया है कि हड़ताल के पहले 15 दिनों में व्यापार और उद्योग को 10,000 कोरड़ रूपयों का नुकसान हुआ है.

हैदराबाद से आ रही ख़बरों के मुताबिक़ राज्य परिवहन निगम की 10,000 बसें नहीं चल पा रही हैं.

कहा जा रहा है कि रविवार से शुरू होनेवाले तीन दिनों के रेल रोको आंदोलन के बाद स्थिति और बिगड़ सकती है.

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