बान की मून ने कहा अब हथियार डालें लोग

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Image caption कैमरन ने कहा कि अब लीबियाई वासियों को एक लोकतांत्रिक भविष्य बनाने का अवसर मिला है.

गद्दाफ़ी की मौत पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा है कि अब गद्दाफ़ी के हाथों में मारे गए कई लोगों को याद किया जाना चाहिए. उन्होंने लीबिया को लोगों को अपने देश को 'स्वतंत्र' करवाने पर बधाई दी है.

उधर संयुक्त राष्ट्र संघ के महानिदेशक बान की मून ने कहा है कि अब लीबिया में सभी लोगों को अपने हथियार डाल देने चाहिए. डेविड कैमरन ने कहा, "आज लीबिया के लोगों के पास एक मज़बूत और लोकतांत्रिक भविष्य बनाने का अवसर मिला है. "

कैमरन ने कहा कि ब्रिटेन लीबिया के लोगों की सहायता करता रहेगा.

'ऐतिहासिक परिवर्तन का दिन'

संयुक्त राष्ट्र के महानिदेशक बान की मून ने गद्दाफ़ी की मौत को 'एक अंत की शुरूआत' बताया है.

महानिदेशक बान की मून ने कहा, " ये एक अंत की शुरूआत भर है. लीबिया के लिए आगे का रास्ता बहुत ही मुश्किल और चुनौतियों से भरा होगा. अब सारे लीबियाई वासियों को एकजुट होना है. सभी को अपने हथियार डाल देने चाहिए. ये बदले का वक्त नहीं है. सबको एक साथ लेकर आगे बढ़ना होगा. क्योंकि लीबिया का भविष्य सबको एक साथ लेकर चलने में है."

बान की मून ने कहा कि उन्होंने लीबिया में अपने दूत से त्रिपोली में बात की है और संयुक्त राष्ट्र लीबिया की हर तरह से सहायता करने के लिए तैयार है.

उन्होंने कहा, "साफ़तौर पर ये लीबिया के लिए एक ऐतिहासिक परिवर्तन का दिन है. "

उधर भारत के दौरे पर आए फ़्रासिसी विदेशमंत्री एलेन जुप ने कहा गद्दाफ़ी के अंत को 42 साल के आतंक के ख़ात्मे का नाम दिया है.

उन्होंने दिल्ली में कहा, "गद्दाफ़ी की मौत की घोषणा और सिर्त के गढ़ का ढहना लीबियाई लोगों के लिए एक मुश्किल समय का अंत है. ये 42 साल के आतंक और सैनिक संघर्ष का ख़ात्मा है. "

उधर यूरोपीय संघ के नेताओं ने गद्दाफ़ी की मौत को दमन के एक दौर का अंत बताया है. यूरोपीय संसद के अध्यक्ष जेर्ज़ी बुज़ेक शनिवार को लीबिया का दौरा करने वाले हैं.