गद्दाफ़ी कैसे मारे गए...

लीबिया के तानाशाह शासक मुअम्मर गद्दाफी इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption नैटो के हवाई हमलों के बाद गद्दाफी और उनके कुछ समर्थक सीवर पाइपों में जा छुपे थे.

मुअम्मर गद्दाफ़ी की मौत कैसे हालात में हुई ये तस्वीर अभी तक साफ़ नहीं हो सकी है लेकिन मिल रही जानकारी के अनुसार गद्दाफ़ी के सिर्त में आख़िरी चंद घंटों की तस्वीर बनाने की कोशिश हो रही है.

इसी साल अगस्त में त्रिपोली में सरकार गिरने के बाद, लीबियाई नेता गद्दाफ़ी का गृहनगर सिर्त ही उनका और समर्थकों का आख़िरी गढ़ था.

हालाँकि, यह कयास लगाए जाते रहे हैं कि गद्दाफ़ी लीबिया के किसी दक्षिणी भाग में छिपे हैं लेकिन यह बात बाद में साफ़ हो गई कि मुअम्मर गद्दाफ़ी अपनी बची-खुची सेना की सुरक्षा में सिर्त में ही थे.

पिछले 15 दिनों में लीबिया के अंतरिम सरकार के सैनिकों ने सिर्त पर हमले तेज़ करके गद्दाफ़ी के वफादारों की सेना को पीछे धकेल दिया था.

ताज़ा मिली जानकारियों के मुताबिक लीबिया के उत्तर-पश्चिम में स्थित डिस्ट्रिक्ट-2 में गद्दाफ़ी के आख़िरी कुछ समर्थकों के गुट छिपे थे.

पता चला है कि कर्नल गद्दाफ़ी अपने कुछ क़रीबियों के साथ वाहनों के काफ़िले में भागने की कोशिश कर रहे थे.

इस काफ़िले में सेना प्रमुख अबू बकर यूनिस जब्र और गद्दाफ़ी के बेटे मुत्तस्सिम भी थे जिन्होने अंतरिम सरकार के सैनिकों से लड़ने की कोशिश भी की थी.

हवाई हमले और धरपकड़

स्थानीय समयानुसार सुबह आठ बजकर तीस मिनट पर नैटो सेना की ओर से लड़ रहे फ्रांसीसी लड़ाकू विमानों ने गद्दाफ़ी के काफ़िले पर हमला कर दिया. उस वक्त काफ़िला सिर्त से तीन-चार किलोमीटर की दूरी पर ही था.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि इस हमले में कम से कम 15 हथियारबंद छोटे ट्रक तबाह हो गए.

हवाई हमलों के बाद कर्नल गद्दाफ़ी और उनके कुछ समर्थक भागकर पास के ही कूड़े-करकट से भरे दो सीवर पाइपलाइनों में छुप गए.

विद्रोहियों की सेना ने इस जगह को निशाना बनाकर हमला शुरू कर दिया. एक विद्रोही सैनिक सलीम बकीर ने रॉयटर्स को दिए अपने एक बयान मे कहा है,"गद्दाफ़ी और उनके साथियो पर पहले विमानभेदी बंदूकों से हमला किया गया जिसका ज्यादा फायदा नही हुआ."

सैनिक ने कहा, इसके बाद विद्रोहियों की सेना पैदल आगे बढ़ने लगी और तभी गद्दाफ़ी का एक सुरक्षाकर्मी हवा में बंदूक लहराता हुआ बाहर आया और विद्रोहियों के ऊपर गोलियां चलाने लगा.

बाकिर ने कहा, "मुझे लगता है कि गद्दाफ़ी ने उसे रुकने को कहा होगा. सैनिक बोल रहा था - मेरे मालिक यहाँ है, मेरे मालिक यहाँ है. मुअम्मर गद्दाफ़ी यहाँ है और घायल हैं."

कर्नल गद्दाफ़ी को गंभीर चोटों के साथ गुरूवार की दोपहर में पकड़ लिया गया था.

'पकड़े जाने के बाद क्या हुआ - स्पष्ट नहीं'

बाद में समाचार चैनल अल-जज़ीरा ने एक वीडियो दिखाया जिसमें बुरी तरह से घायल गद्दाफ़ी विद्रोही सैनिकों के साथ दिखे. इसके बाद क्या हुआ यह तस्वीर साफ़ नही हो पाई है.

अंतरिम सरकार के प्रधानमंत्री महमूद जिब्रील ने कहा, "फोरेन्सिक जाँच से पता चला है कि गद्दाफ़ी की मौत गोली लगने से हुई है."

जिब्रील ने कहा है कि अंतरिम सरकार के सैनिक गद्दाफ़ी को पकड़कर अपने साथ ले गए और इसका गद्दाफ़ी ने कोई विरोध नहीं किया था.

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Image caption इसी साल अगस्त में त्रिपोली में सरकार गिरने के बाद, लिबिआई नेता गद्दाफी का गृहनगर सिर्त ही उनका और समर्थकों का आख़िरी गढ़ था.

प्रधानमंत्री का कहना था, "जब घायल गद्दाफ़ी और सैनिकों की गाड़ी आगे बढ़ रही थी तब, गद्दाफ़ी समर्थकों और विद्रोहियों के बीच गोलीबारी में गद्दाफ़ी के सिर में गोली लग गई."

जिब्रील के मुताबिक मुअम्मर गद्दाफ़ी को किसकी गोली लगी थी यह फोरेन्सिक डॉक्टर बता पाने में असमर्थ हैं.

उनका कहना है कि गद्दाफ़ी की अस्पताल पहुँचने से चंद मिनट पहले ही मौत हो गई थी.

प्रत्यक्षदर्शी होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने बीबीसी को बताया कि गद्दाफ़ी को दोपहर क़रीब साढ़े बारह बजे नौ एमएम की बंदूक से उनके सामने गोली मारी गई.

लीबिया की अंतरिम सरकार के एक अधिकारी अब्दुल माजिद मे रॉयटर्स को बताया, "गद्दाफ़ी के दोनों पैरों मे घाव थे और भारी गोलीबारी के बीच उनके सिर में गोली लग गई थी जिससे उनकी मौत हो गई."

गद्दाफ़ी का शव

मुअम्मर गद्दाफ़ी के मृत शरीर का वीडियो फु़टेज जल्द ही विद्रोहियों के पास पहुँचने लगा.

अल-जज़ीरा ने बाद में तस्वीरें दिखाईं जिनमें गद्दाफ़ी के शव को ज़मीन पर घसीटते हुए कुछ लड़ाके दिखाए गए.

इस पर अंतरिम सरकार के सूचना मंत्री ने रॉयटर्स से बताया कि कर्नल गद्दाफ़ी के शव को मिसराता ले जाया जा रहा था.

स्थानीय समयानुसार शाम क़रीब चार बजकर तीस मिनट पर प्रधानमंत्री जिब्रील ने इस ख़बर की पुष्टि कर दी कि कर्नल मुअम्मर गद्दाफ़ी की मौत हो चुकी है. उन्होने कहा, "लोग इस समय का इंतज़ार कर रहे थे, गद्दाफ़ी मारे गए हैं."

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