'लेविंस्की मामले में क्लिंटन ने जॉब्स से सलाह ली'

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Image caption स्टीव जॉब्स की जीवनी सोमवार को रिलीज़ होगी

पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने मोनिका लेविंस्की कांड के समय ऐपल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स से सलाह ली थी.

ये बात सोमवार को बाज़ार में आने वाली जॉब्स की जीवनी 'स्टीव जॉब्स' में बताई गई है.

सामाचार एजेंसियों ने इस किताब के कुछ अंशों का विवरण किया है और इसका प्रचार इंटरनेट पर भी ख़ूब हो रहा है.

ऐपल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स का पिछले दिनों कैंसर से निधन हो गया था.

जीवनी के लेखक वॉल्टर आईज़ैक्सन ने जॉब्स के आखिरी दो साल में उनसे 40 साक्षात्कार किए थे जिसके बाद उन्होंने ये क़िताब लिखी.

समाचार एजेंसियों के मुताबिक इस जीवनी में बिल क्लिंटन के साथ उनके अनुभव के अलावा कई अन्य क़िस्से भी हैं.

'देश को बताना चाहिए'

साल 1998 में तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन व्हाइट हाउस की एक इंटर्न मोनिका लेविंस्की के साथ तथाकथित संबंध की वजह से विवादों में थे.

क्लिंटन नें एक दिन देर रात जॉब्स से लेविंस्की मुद्दे पर बात की थी.

जीवनी के लेखक ने लिखा है कि जॉब्स ने क्लिंटन को जवाब दिया, "मुझे पता नहीं कि क्या हुआ. लेकिन अगर आपने ऐसा किया है तो आपको देश को ये बताना चाहिए."

पहले क्लिंटन इस विवाद को नकारते रहे थे लेकिन बाद में उन्होंने अपनी ग़लती को माना था.

इस क़िताब में आईज़ैक्सन लिखते हैं कि जॉब्स माइक्रोसॉफ़्ट के बिल गेट्स को तकनीकि मामलों में कमज़ोर मानते थे.

क़िताब में जॉब्स ने कहा, "गेट्स अब प्रौद्योगिकी के बजाए दान और परोपकार में ख़ुद को ज़्यादा सहज महसूस करते हैं."

कैंसर से लड़ाई

जीवनी के अनुसार मृत्यु के समय जॉब्स को इस बात का मलाल था कि उन्होंने कैंसर के इलाज के लिए सर्जरी काफ़ी देर से कराई.

जब उन्हें पहले-पहल इस रोग का पता चला था तो उन्होंने इसके वैकल्पिक इलाज पर ज़्यादा ध्यान दिया था.

जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल ने बताया कि वो सर्जरी के लिए तैयार नहीं हो रहे थे.

उन्होंने लेखक को बताया, "जॉब्स उस समय अपने शरीर पर कोई ऑप्रेशन नहीं चाहते थे. उन्हें इसके लिए राजी करना आसान नहीं था."

साइमन और शूस्टर द्वारा प्रकाशित 630 पृष्ठों की ये जीवनी सोमवार को स्टैंड्स पर नज़र आएगी.

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