एनटीसी कमांडर ने दिया गद्दाफ़ी की मौत का ब्यौरा

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Image caption कर्नल गद्दाफ़ी का शव मिसराता शहर में रखा गया है

लीबिया के पूर्व शासक कर्नल मुअम्मर गद्दाफ़ी को पकड़ने वाली सेना के कमांडर ने उनकी मौत के घटनाक्रम का ब्यौरा दिया है.

ओमरान अल-ओवैब ने बीबीसी को बताया कि घायल कर्नल को एक कचरे के पाइप से खींचकर निकाला गया. वह सिर्त में छिपे हुए थे और उस पाइप से निकलने के बाद वह 10 क़दम चलकर गोलीबारी के बीच अचानक गिर गए.

कमांडर के अनुसार ये बताना मुश्किल है कि कर्नल की मौत की वजह बनी गोली किसने चलाई.

इस बीच कर्नल गद्दाफ़ी के पोस्ट मॉर्टम को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बन गई है.

उनका और उनके बेटे मुतस्सिम का शव मिसराता शहर में एक माँस रखने वाली जगह पर सुरक्षित रखा गया है.

लीबिया की अंतरिम सरकार चला रहे नेशनल ट्रांज़िशनल काउंसिल यानी एनटीसी के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अहमद गेब्रील ने बीबीसी को बताया कि शनिवार को कर्नल का पोस्ट मॉर्टम हुआ.

मगर एनटीसी के ही एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी नैगी बरकत का कहना था कि पोस्ट मॉर्टम जैसे किसी भी परीक्षण की ज़रूरत ही नहीं है क्योंकि मौत की वजह तो पता चल ही चुकी है.

'ज़िंदा रखने की कोशिश'

बीबीसी को दिए एक्सक्लूज़िव इंटरव्यू में ओवैब ने कहा, "मैंने ये नहीं देखा कि किसने मारा या किस हथियार से गद्दाफ़ी मारे गए."

उन्होंने माना कि उनके कुछ लड़ाकू तो गद्दाफ़ी को वहीं पर गोली मार देना चाहते थे मगर उन्होंने गद्दाफ़ी को ज़िंदा रखने की भरसक कोशिश की.

ओवैब ने बताया कि जब गद्दाफ़ी पाइप से निकलकर गिर गए तो वह कर्नल को पास के अस्पताल ले गए जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. उनका कहना था, "मैंने उनकी जान बचाने की कोशिश की मगर मैं ऐसा कर नहीं सका."

उनकी मौत को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं. वीडियो फ़ुटेज से पता चलता है कि उन्हें सड़कों पर घसीटा भी गया था.

अमरीका ने अधिकारियों से सारी बात खुलकर बताने को कहा है. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने कहा कि 'जिस तरह उनकी मौत हुई उससे कई सवाल उठते हैं.'

जाँच की माँग

लावरोफ़ ने मामले की पूरी जाँच की अपील की है जबकि इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार मामलों की आयुक्त नवी पिल्लई भी ऐसी ही माँग कर चुकी हैं.

कार्यवाहक प्रधानमंत्री महमूद जिब्रील ने बीबीसी को बताया, "निजी तौर पर मेरी इच्छा थी कि कर्नल गद्दाफ़ी ज़िंदा होते. मैं जानना चाहता हूँ कि उन्होंने लीबियाई लोगों के साथ ऐसा क्यों किया. काश मैं उनके मुक़दमे में वकील होगा."

कर्नल के शव को अभी तक दफ़नाया नहीं जा सका है क्योंकि इस बारे में अभी तक अंतिम फ़ैसला नहीं हुआ है. अभी ये भी अस्पष्ट है कि पूर्व नेता को मिसराता में दफ़न किया जाएगा या उनके गृह नगर सिर्त में या फिर कहीं और.

एनटीसी अधिकारियों का कहना है कि वे गुप्त रूप से कर्नल गद्दाफ़ी को दफ़नाना चाहते हैं जिससे उनकी कब्र किसी पवित्र धार्मिक स्थल में न तब्दील हो जाए.

माना जा रहा है कि इसी सप्ताहांत लीबिया औपचारिक रूप से स्वतंत्र घोषित कर दिया जाएगा.

लीबिया के अंतरिम प्रधानमंत्री ने कहा था कि इसके बाद पहले चुनाव अगले साल जून तक में हो सकते हैं.

वहीं नैटो का कहना है कि वह लीबिया में अपना अभियान 31 अक्तूबर तक समाप्त करेगा.

इस बीच कर्नल गद्दाफ़ी के बेटे सैफ़ अल-इस्लाम के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है.

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