देश में पिछले साल पांच फ़ीसदी बढ़ा अपराध

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Image caption साल 2010 में सड़क दुर्घटनाओं में 1.33 लाख मौतें हुईं

भारत में साल 2010 में अपराध के मामलों में साल 2009 के मुकाबले पाँच प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट "क्राइम इन इंडिया 2010" के अनुसार भारतीय दंड संहिता के तहत साल 2010 में कुल 22,24,831 अपराध दर्ज किए गए जबकि इससे पिछले साल यह आंकड़ा 21,21,345 था.

सड़क दुर्घटनाओं में 1.33 लाख मौतें हुईं जोकि वर्ष 2009 से 5.5 फीसदी अधिक है जब 1.26 लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए थे.

हत्या के कुल 33,335 मामले सामने आए जोकि 2009 (32,369 मामले) की तुलना में 3 फीसदी ज्यादा है.

हत्या के प्रयास के मामलों में 1.3 फीसदी से बढ़ोतरी हुई है जबकि बलात्कार के मामलों में 3.6 फीसदी की वृद्धि हुई.

इन आकड़ों के अनुसार अपहरण के मामलों में 13.5 प्रतिशत का इज़ाफा हुआ, डकैती में 4.4 प्रतिशत की बढोतरी हुई जबकि दहेज हत्या में मामलों में मामूली 0.1 फीसदी की वृद्धि हुई.

महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ा

वर्ष 2010 के दौरान महिलाओं के खिलाफ अपराध 4.8 फीसदी बढ़ा. कुल 2,13,585 मामले दर्ज किए गए जोकि साल 2009 में 2,03,804 मामले दर्ज किए गए थे.

बच्चों के खिलाफ अपराध (26,694 मामले) 10.3 प्रतिशत ऊपर गया जबकि वर्ष 2009 में 24,201 मामले दर्ज हुए थे.

वर्ष 2010 में 1,34,599 लोगों ने आत्महत्याएं की, इनमें से 31,856 आत्महत्याओं का प्रमुख कारण परिवार की समस्या थी. आत्महत्या के 28,464 मामलों में बीमारी कारण था.

कुल 44,535 लोगों (33.1 प्रतिशत) ने जहर खा कर, 42, 266 (31.4 फीसदी) लोगों ने फांसी लगा कर आत्महत्या की.

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