इतिहास के पन्नों में 1 नवंबर

इतिहास में 1 नवंबर की तारीख़ कई घटनाओं के लिए महत्वपूर्ण है. इसी दिन भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद कई शहरों में दंगे भड़के थे और ब्रिटेन के उप प्रधानमंत्री जेफ़री हाव ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

1984: इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दंगे भड़के

Image caption इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजधानी दिल्ली और कई शहरों में सिख विरोधी दंगे भड़क उठे थे

भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर 1984 को उनके सिख अंगरक्षकों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.

इस घटना के बाद भारत के कई शहरों में हिंसा भड़क उठी थी.

राजधानी दिल्ली में दंगाइयों ने चार सिख गुरुद्वारों में आग लगा दी, इसके बाद बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए थे.

दंगे के दौरान सिखों के कारोबार को भी निशाना बनाया गया था और भारत के राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह की कार पर भी हवाई अड्डे से लौटते हुए पत्थर फेंके गए थे.

दंगे भड़कने के बाद दिल्ली में चार से ज़्यादा लोगों के जमा होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया था.

सबसे ख़तरनाक दंगा भारत के उत्तर-पूर्वी शहर अगरतला में भड़का था, जब दंगाइयों ने एक पुलिस स्टेशन पर हमला बोल दिया था.

उन्हें आशंका थी कि सिखों ने पुलिस स्टेशन में शरण ले रखी है. इसके बाद ही शहर में कर्फ़्यू लगा दिया गया था.

इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उनके बेटे राजीव गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाया गया था और उन्होंने देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की थी.

1990: थैचर की यूरोप नीति के ख़िलाफ़ हाव ने इस्तीफ़ा दिया

Image caption जेफ़री हाव मारग्रेट थैचर की कैबिनेट में सबसे लंबे समय तक बने रहनेवाले मंत्री थे

1 नवंबर 1990 को ब्रिटेन के उप प्रधानमंत्री सर जेफ़री हाव ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

प्रधानमंत्री मारग्रेट थैचर को भेजे अपने इस्तीफ़े में उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री की यूरोप संबंधी नीति के विरोध में वो इस्तीफ़ा दे रहे हैं.

प्रधानमंत्री थैचर यूरोप की एकल मुद्रा के ख़िलाफ़ थीं. थैचर की यूरोप नीति के ख़िलाफ़ इस्तीफ़ा देनेवाले हाव कैबिनेट के चौथे सदस्य थे.

63 वर्षीय हाव 1979 में थैचर की मूल कैबिनेट के आख़िरी सदस्य थे. उन्होंने चांसलर और विदेश मंत्री के पद पर काम किया था.

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