ब्रिटेन में विदेशी छात्रों पर लगाम की कोशिश

ब्रिटेन इमेज कॉपीरइट PA
Image caption ब्रिटेन में छात्र वीज़ा हासिल करना अब और मुश्किल

ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने देश के 474 कॉलेजों को ये निर्देश दिया है कि वे यूरोपीय संघ के बाहर के छात्रों को अपने यहाँ प्रवेश नहीं दे सकते हैं.

ये सरकार की उन कोशिशों का हिस्सा है, जिसके तहत सरकार ग़ैर यूरोपीय संघ के देशों से आने वाले लोगों की संख्या में कटौती करना चाहती है.

साथ ही ब्रितानी सरकार अपनी आप्रवासन नीति का ग़लत फ़ायदा उठाने वालों पर भी रोक लगाना चाहती है.

बीबीसी संवाददाता डैन शॉ का कहना है कि पिछले छह महीनों के दौरान सरकार ने छात्र वीज़ा नियमों को सख़्त करने के लिए कई क़दम उठाए हैं.

साथ ही उन कॉलेजों का स्तर उठाने की भी कोशिश की जा रही है, जो यूरोपीय संघ के बाहर के देशों के लोगों के लिए कई कोर्स कराते हैं.

क़दम

इसके तहत 302 कॉलेजों का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और 172 अन्य कॉलेजों से कहा गया है कि वे नए छात्रों को अपने यहाँ प्रवेश नहीं दे सकते. हालाँकि जो छात्र पहले से पढ़ाई कर रहे हैं, वे कॉलेज में पढ़ते रहेंगे.

एक कॉलेज के फ़र्जी होने का अधिकारियों को संदेह था. इस इमारत में आने वाले लोगों को भ्रम में डालने के लिए एक बोर्ड लगा हुआ था, जिस पर लिखा था- नवीनीकरण के लिए बंद.

जबकि असल में कॉलेज के कर्मचारी इसी इमारत में छिपे रहते थे और इमारत की लाइट्स बंद रखी जाती थी.

गृह मंत्रालय का कहना है कि प्रतिबंधित कॉलेज हर साल 11000 छात्रों को ब्रिटेन में ला सकते थे. ये छात्रों के लिए जारी होने वाले वीज़ा की संख्या का क़रीब तीन प्रतिशत है.

संबंधित समाचार