सीरिया में 19 मौतें, अरब लीग का दबाव

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Image caption सीरिया में सुरक्षा बल लगातार प्रदर्शनकारियों को निशाना बना रहे हैं.

सीरिया में सुरक्षा बलों ने सरकार के विरोध में प्रदर्शन कर रहे कम से कम 19 प्रदर्शनकारियों को मार दिया है.

मानवाधिकारों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं ने यह जानकारी दी है. बकरीद के समय होम्स और आसपास हुई इन 19 मौतों से एक दिन पहले भी होम्स में 27 प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं.

अरब लीग सीरिया के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए जल्दी ही फिर से बैठक करने वाले हैं.

अरब लीग ने कुछ समय पहले चेतावनी दी थी कि अगर सीरिया में खून खराबा बंद नहीं हुआ तो सीरिया को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.

लंदन स्थित सीरिया ऑब्ज़रवेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स का कहना है कि रविवार को सुरक्षा बलों ने होम्स में 16 प्रदर्शनकारियों को मार दिया है.

समाचार एजेंसी एपी ने होम्स में एक स्थानीय कार्यकर्ता माज्द आमेर के हवाले से कहा है कि लोग जब सुबह नमाज अदा कर रहे थे तभी धमाकों की आवाज़ें आ रही थी जिससे मस्जिद हिल गई थी.

आमेर का कहान था कि ये धमाके ऐसे थे मानो पूरे शहर पर हमला कर दिया गया हो.

होम्स के बाबा अम्र इलाक़े में सबसे अधिक मौतें हुई हैं जहां कई दिनों से सरकार और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें चल रही हैं.

होम्स सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के विरोध का गढ़ बन गया है और अब तक पिछले हफ्ते में ही 100 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.

सुरक्षा बलों ने हमा शहर में भी दो प्रदर्शनकारियों को गोली मार दी है.

लंदन ऑब्ज़रवेटरी ग्रुप के अनुसार होम्स के पास ताल्बी शहर में भी प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाई गई हैं.

दूसरी तरफ सरकार का कहना है कि सुरक्षा बल उन हथियारबंद गुटों से लड़ रहे हैं जो आम लोगों को निशाना बना रही है.

बुधवार को अरब लीग ने सीरिया के लिए एक शांति योजना बनाई थी और हिंसा खत्म करने का आह्वान किया था. इस योजना के तहत सीरिया से कहा गया था कि रिहाईशी इलाक़ों से सेना को हटा लिया जाए और विपक्ष के साथ बातचीत शुरु की जाए.

सीरिया के राष्ट्रपति ने कहा था कि वो सड़कों से सेना हटा लेंगे लेकिन इसके बावजूद कई शहरों में अभी भी हिंसा हो रही है.

शनिवार को अरब लीग के महासचिव जनरल नबील अल अरबी ने सीरिया की सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शांति योजना को बहाल नहीं किया गया तो सीरिया और पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर दुष्परिणाम होंगे.

रविवार को प्रदर्शनकारियों की मौतों के बाद अरब लीग ने घोषणा की है कि 12 नवंबर को आपात बैठक की जाएगी जिसमें सीरिया में जारी हिंसा पर चर्चा होगी क्योंकि सीरिया की सरकार ने शांति योजना लागू नहीं की है.

फ्रांस के विदेश मंत्री एलेन जुप्पी का कहना है कि हालिया मौतें दिखाती हैं कि सीरिया के प्रशासन से कोई उम्मीद न रखी जाए.

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