नफ़रत हुई ज़ाहिर: 10 घटनाएँ

सबसे ज़्यादा रहस्योदघाटन करनेवाले बयान वो होते हैं, जिन्हें सार्वजनिक जीवन में रहनेवाले लोग ये समझते हुए कहते हैं कि उन्हें कोई सुन नहीं रहा होगा. यहां हम कुछ ऐसी सच्चाइयों और कड़वे संबंधों के बारे में बता रहे हैं जो माइक के ऑन रहने की वजह से उजागर हुईं.

1. निकोला सारकोज़ी बनाम बेंजामिन नेतन्याहू

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Image caption सारकोज़ी और ओबामा दोनों ही नेताओं ने नेतान्येहू की निंदा की थी

पिछले हफ़्ते जी 20 सम्मेलन के दौरान फ़्रांस के राष्ट्रपति सारकोज़ी अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से बेंजामिन नेतन्याहू के बारे में अपनी राय ज़ाहिर कर रहे थे.

वो कह रहे थे, ''मैं अब उनका यक़ीन नहीं करता. वो झूठे हैं.'' लेकिन अपनी बात ज़ाहिर करते हुए उन्हें ये बात कतई मालूम नहीं थी कि प्रेस के लोग उन्हें सुन सकते हैं. राष्ट्रपति ओबामा भी कह रहे थे, ''आप भले ही उनसे तंग आ गए हों लेकिन मुझे तो उनसे हर दिन पेश आना होता है.''

2. रोनाल्ड रीगन बनाम रूसी

रेडियो इंजीनियरों के साथ साउंड चेक करते हुए रीगन ने मज़ाक़ में अपने शीतयुद्धकालीन दुश्मनों को ख़त्म करने की बात कही. ''मेरे देशवासियों, मुझे आपको बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि मैंने ऐसे क़ानून पर दस्तख़त किए हैं जिससे रूसी लोग हमेशा के लिए ग़ैर क़ानूनी घोषित हो जाएंगे. हम अगले पांच मिनट में बमबारी की शुरुआत करेंगे.''

इस टेप को बाद में प्रसारित कर दिया गया. ये दरअसल सभी मौजूदा और भावी राजनेताओं के लिए एक चेतावनी थी कि न्यूज़ मीडिया के रेडियो इंजीनियरों के साथ काम करते हुए वो मज़ाक़ में भी इस तरह की बात न कहें.

3. जॉन मेजर बनाम मंत्रिमंडल

पूर्व ब्रितानी प्रधानमंत्री जॉन मेजर ग़ुस्सैल स्वभाव के लिए नहीं जाने जाते थे, लेकिन ब्रितानियों को उनके व्यक्तित्व का एक और रूप तब देखने को मिला जब 1993 में एक इंटरव्यू के बाद उनका माइक ऑन रह गया.

उन्होंने अपने मंत्रिमंडल के तीन सहयोगियों को दोगला बताते हुए उन्हें सूली पर चढ़ाने की बात कह डाली. यहां तक कि उन्होंने ख़ुद की भी आलोचना कर डाली और कहा कि ये कैसे संभव है कि उनके जैसा निरा डरपोक हर परिस्थिति को अनुकूल ही बना ले.

4. मैडोना बनाम फूल

Image caption जॉन मेजर ने अपने मंत्रिमंडल के तीन सहयोगियों को सूली पर चढ़ाए जाने की बात कही थी

पॉप गायिका मैडोना ऐतिहासिक शख़्सियत वालिस सिम्पसन के जीवन पर आधारित फ़िल्म का निर्देशन कर रही हैं.

2011 की गर्मियों में वेनिस फ़िल्म फ़ेस्टिवल के पहले हुई पत्रकार वार्ता में कोई सज्जन एक विशेष फूल का गुलदस्ता लेकर पहुंचे.

माइक ऑन था और मैडोना को अपने एक दोस्त से ये कहते हुए सुना गया कि वो उस ख़ास फूल को किस हद तक नापसंद करती हैं.

बाद में उनके प्रेस एजेंट को मैडोना के बचाव में सफ़ाई पेश करनी पड़ी कि किसी फूल को पसंद और नापसंद करने का अधिकार तो उन्हें है ही.

5. गॉर्डन ब्राउन बनाम मतदाता

ब्रिटेन में 2010 में हुए चुनाव के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन लंकाशायर के रॉचडेल शहर में चुनाव प्रचार कर रहे थे.

इस दौरान गिलियन डफ़ी नामक मतदाता के साथ उनकी कुछ तल्ख बातें हुईं. गिलियन डफ़ी ने उन्हें आप्रवासन और बेरोज़गारी को लेकर कड़वी बातें कहीं. इसके बाद ब्राउन जब अपनी कार में बैठ रहे थे तो उन्होंने गिलियन के साथ हुई बातचीत को आपदा करार दिया.

आगे उन्होंने कहा कि ''गिलियन एक धर्मांध महिला हैं जो पहले लेबर पार्टी की समर्थक थीं. ये तो बेहद हास्यास्पद लगता है.'' लेकिन जब वो ये बातें कर रहे थे तो उन्हें नहीं मालूम था कि माइक ऑन है. बाद में प्रधानमंत्री ब्राउन ने अपने वक्तव्य के लिए माफ़ी मांगी थी.

लेकिन उनका ये बयान उन्हें काफ़ी महंगा पड़ा क्योंकि चुनाव में लेबर पार्टी की भारी हार के लिए इस प्रकरण को भी ज़िम्मेदार माना गया.

6. प्रिंस चार्ल्स बनाम बीबीसी

Image caption प्रिंस चार्ल्स को स्कीईंग पसंद है लेकिन पत्रकारों के फ़ोन से नफ़रत है

साल 2005 में परिवार के साथ छुट्टियां मना रहे वेल्स के राजकुमार चार्ल्स ने अपने बेटों से बात करते हुए माइक पर ये कह दिया कि वो मीडिया से की जानेवाली कॉल्स से कितनी घृणा करते हैं.

लेकिन वो ये समझ रहे थे वो आपस में बात कर रहे हैं. लेकिन प्रेस ने उनके कथन को काफ़ी बड़ा मुद्दा बना दिया ख़ासतौर से उस कथन को जिसमें उन्होंने बीबीसी के संवाददाता निकोलस विचेल को काफ़ी भला-बुरा कहा था.

7. जॉर्ज बुश बनाम न्यूयॉर्क टाइम्स

साल 2000 में एक चुनावी रैली के दौरान जॉर्ज डब्ल्यू बुश और डिक चेनी माइक पर संवाददाताओं के बारे में बात करते हुए सुने गए.

जब जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने न्यूयॉर्क टाइम्स के संवाददाता को देखकर उन्हें गाली दे डाली. ये बात माइक ऑन रहने की वजह से कई लोगों ने सुनी. हालांकि जॉर्ज बुश ने इस बयान के लिए माफ़ी मांगने से भी इनकार कर दिया.

8. ज़ाक शिराक बनाम भोजन

Image caption फ़्रांसीसी राष्ट्रपति ब्रितानी भोजन पसंद नहीं करते

साल 2005 में फ़्रांस के राष्ट्रपति ज़ाक शिराक को जर्मन और रूसी अधिकारियों के साथ बातचीत में ब्रितानी खाने की बुराई करते सुना गया. उन्होंने ख़ास तौर से कहा कि ब्रितानी खाना फ़िनलैंड के खाने जैसा ही बेस्वाद होता है.

उन्होंने ये भी कह डाला कि ब्रिटेन ने यूरोपीय कृषि में अगर कुछ योगदान किया है तो वो है मैड काउ डिज़ीज़ यानी गायों की मस्तिष्क की बीमारी.

ग़लती से सार्वजनिक हुए इन बयानों के बाद शिराक जी-8 देशों के सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए स्कॉटलैंड गए और ख़ासबात ये रही कि वहां परोसे गए भोजन की विशेष रूप से तारीफ़ की गई.

9. पेगी नूनन बनाम सारा पेलिन

न्यूयॉर्क टाइम्स के लिए स्तंभ लिखने वाली राजनीतिक टीकाकार पेगी नूनन को एक बार व्यावसायिक विज्ञापन ब्रेक के दौरान उपराष्ट्रपति पद की नवनियुक्त उम्मीदवार सारा पेलिन की बुराई करते सुना गया.

उन्होंने कहा, ''सारा पेलिन का चुनाव मतलब जॉन मैक्केन की हार.''बाद में नूनन ने इस बयान पर सफ़ाई देने की कोशिश भी की कि उनका आकलन ग़लत तो नहीं था.

10. जेसी जैक्सन बनाम बराक ओबामा

2008 के अमरीकी आम चुनाव के दौरान राजनीतिक टीकाकार जैसी जैक्सन को माइक्रोफ़ोन पर ये कहते सुना गया कि ऐसा लगता है कि बराक ओबामा अफ्रीकी अमेरीकी लोगों को संरक्षण देना चाहते हैं और ये उनके लिए परेशानी का सबब है.

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