कोलंबिया की पहचान: शकीरा या ड्रग्स?

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Image caption नई पहचान की खोज में

दशकों तक वामपंथी विद्रोहियों और ड्रग माफ़ियाओं के साथ लड़ाई लड़ने के बाद कोलंबिया के अधिकारी अब देश की पहचान बदलने की कोशिश में लगे हैं.

वर्ष 1993 में जब मैं अमरीका के दक्षिण डेकोटा शहर में काम कर रहा था तब पशुओं का फ़ार्म चलाने वाले एक शख्स ने मुझसे कहा था, "अच्छा आप ब्रिटेन से हैं जहाँ के गैंग आजकल एक दूसरे पर मशीनगन चला रहे हैं."

मैंने उससे पूछा, "क्या आपको यक़ीन है कि आप किसी और जगह के बारे में बात नहीं कर रहे हैं?"

इसके जवाब में उसने कहा, "नहीं, मैं इंग्लैंड की ही बात कर रहा हूँ जहाँ एक तरह का धार्मिक युद्ध चल रहा है जिसमें कैथोलिक समुदाय के लोग प्रोटेस्टेंट समुदाय के लोगों की हत्या कर रहे हैं."

तब मैंने पूछा, "क्या आप उत्तरी आयरलैंड की बात कर रहे हैं?"

उनका जवाब था "हां."

कुछ ही हफ़्तों पहले मैंने एक लेख में अमरीका में हथियारबंद अपराधों के बारे में पढ़ा था.

इसमें लिखा था कि उत्तरी आयरलैंड में हुए संघर्ष के दिनों में जितने लोगों की मौत हुई उससे तीन गुना लोग अमरीका के मध्य-पश्चिम के शहर कैनसस के विचिता में गोलीबारी में मारे गए.

मैं यहाँ जो बात रेखांकित करना चाहता हूँ वो हमारी 'सोच' है जिसकी वजह से किसी भी स्थान के बारे में नकारात्मक राय बनाने में कुछ ख़ास नहीं लगता.

नॉट सो 'होस्टाइल'

कुछ ऐसा ही हुआ जब मैं कोलंबिया की यात्रा पर निकला.

तब कोलंबिया मुख्य रूप से तीन चीज़ों के लिए जाना जाता था, कोकीन, फार्क(वामपंथी गुरिल्ला गुट) और ड्रग माफिया पाब्लो एस्कोबार.

ये एक ऐसा देश था जो अशांत इलाक़ों की बीबीसी की सूची में स्थाई जगह बना चुका था.

ऐसे में मैं अक्सर हल्के फ़ुल्के अंदाज़ में सोचता कि जब भी अशांत इलाक़ों की सूची तय करने वाली समिति की बैठक होती होगी, तब वे अपनी बैठक की शुरुआत में कहते होंगे, "तो कोलंबिया के अलावा और कौन सी जगह है."

हालांकि मैंने लोगों से सुना था कि वहां के हालात में बदलाव आ चुका है, लेकिन कितना बदलाव आया है यही सोचते हुए मैं बोगोटा एयरपोर्ट से बाहर निकल रहा था.

अपने सहयोगी फ्रांसिस्को फोरेरो का इंतज़ार करते हुए मैं ये सोचता रहा कि क्या अब मेरा भी अपहरण कर मुझे एक कार की डिक्की में फेंक दिया जाएगा. या फिर कोई मेरे पास आकर मुझे ड्रग्स खरीदने को कहेगा.

तभी अचानक मेरे सामने एक व्यक्ति आया मगर ये पूछने के लिए कि क्या मुझे टैक्सी चाहिए?

मेरे सहयोगी फ्रांसिस्को के साथ मैं शहर के एक रेस्तराँ में गया जहां सब कुछ बिल्कुल सामान्य था.

मैंने पूछा कि क्या ये 'सामान्य' है, उसका जवाब था 'बिल्कुल'

फ्रांसिस्को ने बताया कि जैसे किसी भी अन्य शहर में हम रात के वक्त कुछ ख़ास जगहों पर नहीं जाते हैं कुछ वैसा ही एहतियात हम यहां भी बरतते हैं.

रडार से निगरानी

अगले दिन हम कोलंबिया के एक बड़े व्यापारी जॉर्ज लोंडोनो के निजी फ़ार्म हाउस में उनके मेहमान थे, जहाँ पहुंचने के लिए बोगोटा से विमान से एक घंटा लगता था.

मेरे लिए कोलंबिया की समस्याओं से रुबरू होने का ये पहला मौका था.

रनवे पर जाने से पहले हमारी जाँच नशीले पदार्थों की निगरानी करने वाले विभाग के पुलिस ने की. हमारे पहचान पत्रों की भी जांच हुई और जॉर्ज के विमान का भी निरीक्षण किया गया.

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Image caption युवा वर्ग अब शकीरा को देश की पहचान से जोड़कर देखता है

इसके अलावा एक बार विमान के उड़ान भर लेने के बाद रडार और निगरानी करने वाले विमानों के ज़रिए हम पर लगातार नज़र रखी जानी थी.

मुझे पायलट ने विमान का ट्रांसपॉन्डर भी दिखाया जिससे हमारी स्थिति का पता लगातार कंट्रोल टावर को मिलता रहता था.

मैंने राहत महसूस की क्योंकि इसके बगैर वायुसेना को हमारे विमान को मार गिराने का पूरा अधिकार हासिल हो सकता था.

जैसा कि मैंने पहले कहा सुरक्षा कि इस कड़ी व्यवस्था के पीछे सिर्फ़ एक मक़सद था- देश को नशीली दवा के माफ़ियाओं से बचाना, और ये कारगर भी साबित हो रहा था क्योंकि नशीली दवा के माफ़िया देश छोड़ कर जा रहे थे.

नई पहचान

कोलंबिया कितना बदल चुका है ये जानने के लिए सबसे अच्छा रास्ता ये है कि आप फ्रांसिस्को और जॉर्ज से मिलें.

फ्रांसिस्को यहां के जंगलों की फोटोग्राफी करने का शौक रखने के अलावा कोलंबिया में गूगल के प्रमुख भी हैं और उन्होंने देश के सुदूर इलाकों की यात्रा भी की है.

दूसरी तरफ जॉर्ज के देश के 21 शहरों में होटल हैं, जहां वो लगातार जाते रहते हैं और उनका व्यापार काफ़ी फलफूल रहा है.

इन दोनों के सम्मिलित अनुभव के आधार पर मैंने उन्हें कोलंबिया का एक मानचित्र देते हुए ऐसे इलाकों को चिह्नित करने के लिए कहा जहाँ मुझे नहीं जाना चाहिए.

इन दोनों ने वेनेज़ुएला की सीमा से लगे दो इलाक़ों और इक्वेडोर की सीमा से लगे कोलंबिया के मानचित्र में एक गोला बनाया.

ये इलाक़े कोलंबिया का सिर्फ़ पाँच प्रतिशत हिस्सा हैं. जब मैंने उनसे पूछा कि ऐसी कौन सी जगह है जहाँ वो दोनों कभी जाना नहीं चाहेंगे तो उन्होंने जवाब में सिर्फ़ एक जगह पर निशान बनाया.

हालांकि ये कोलंबिया की सुरक्षा संबंधी मुद्दों की सही तस्वीर बिल्कुल नहीं है लेकिन वहां के लोगों के बदलते सोच की परिचायक ज़रूर है.

यहां के युवाओं से पूछने पर कि उनके देश से निर्यात की जाने वाली सबसे लोकप्रिय वस्तु क्या है, उनका जवाब है, "पॉप गायिका शकीरा."

और फ़ार्क का क्या हुआ?

ऐसा लगता है कि ये गुरिल्ला संगठन भी अब पीछे हट रहा है, सिर्फ़ लड़ाई के मैदान में ही नहीं कोलंबिया के लोगों के दिमाग़ से भी.

पिछले सप्ताह किए गए एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण में सिर्फ़ तीन प्रतिशत लोगों ने उनके साथ सहानुभूति दर्शाई है.

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