बेटी को ज़बरदस्ती खाना खिलाकर मारने पर जेल

ग्लोरिया इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption ग्लोरिया की ओर से रहम की अपील की गई थी जिसे जज ने स्वीकार नहीं किया

अपनी ही बच्ची को ज़बरदस्ती खाना खिलाकर मारने के आरोप में ब्रिटेन की अदालत ने तीन साल के जेल की सज़ा सुनाई गई है.

ग्लोरिया डीवोमो एक प्रशिक्षित नर्स हैं और उन पर आरोप है कि वो अपनी बच्ची के गले में तब से ज़बरदस्ती तरल भोजन डालती रहीं जब वो छह माह की थी.

चार महीने बाद इस बच्ची की मौत हो गई थी.

अपने बचाव में ग्लोरिया ने कहा कि वे और उनके भाई बहन को घाना में उनकी माँ ने इसी तरह से खाना खिलाकर बड़ा किया था.

न्यायाधीश का कहना था कि हो सकता है कि इस तरह से खाना खिलाना दुनिया के कुछ हिस्से में सांस्कृतिक रूप से स्वीकार्य हो लेकिन ब्रिटेन में यह ग़लत और ख़तरनाक माना जाता है.

'प्रताड़ना'

ग्लोरिया की उम्र 31 वर्ष है और बताया जाता है कि वह अपनी बेटी के वज़न को लेकर बहुत चिंतित थी.

इसलिए वह पोर्सलिन के एक छोटे जग से उसके गले में तरल खाद्य सामग्री उड़ेलती रही.

छह महीने छोटी बच्ची को छह माह की उम्र से इसी तरह से भोजन देना शुरु किया गया और यह चार महीने चलता रहा जब तक कि उसकी मौत नहीं हो गई.

आरोप है कि जग की टोंटी बच्ची के मुंह पर रख दी जाती थी जिससे कि वह अपना मुंह बंद न कर सके.

पोस्टमार्ट रिपोर्ट से पता चला कि बच्ची की मौत निमोनिया से हुई जिसकी वजह उसके फेफड़े में दाल और मांस के टुकड़ों का पहुँच जाना थी.

ग्लोरिया के वकील ने और उनके मित्रों, रिश्तेदारों ने अदालत से अपील की थी कि उसे सज़ा देते हुए नरमी बरती जाए क्योंकि वह अपनी बच्ची की मौत से भी बहुत प्रताड़ित हो चुकी है.

लेकिन न्यायाधीश ने इस अपील को ठुकरा दिया और कहा कि इस तरह से खाना खिलाए जाने से वह छोटी बच्ची भी हर दिन प्रताड़ित होती रही.

संबंधित समाचार