फ़ुकुशिमा संयंत्र मीडिया के लिए खोला गया

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Image caption फ़ुकुशिमा परमाणु संयंत्र में प्रवेश करने के लिए पत्रकारों को विशेष सुरक्षा कवच पहनना पड़ा.

जापान में इसी साल मार्च में आए भूकंप और सुनामी से क्षतिग्रस्त हुए फ़ुकुशिमा परमाणु संयंत्र को पहली बार पत्रकारों के लिए खोला गया.

शनिवार को पत्रकार पूरी सुरक्षा वाले कपड़े पहनकर संयंत्र के अंदर गए.

इससे पहले जापानी अधिकारी पत्रकारों के प्लांट के अंदर जाने के निवेदनों को यह कह कर नामंज़ूर करते रहेहैं कि वहां 'रेडिएशन' का स्तर बहुत अधिक है और इससे वहां संकट को नियंत्रित करने के लिए जारी कार्यवाही पर प्रभाव पड़ सकता है.

पत्रकारों को क्षतिग्रस्त फ़ुकुशिमा संयंत्र में भ्रमण कराया गया और सुनामी के बाद पहली बार फ़ोटो लेने की इजाज़त दी गई.

समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के एक पत्रकार ने कहा, “संयंत्र के भीतर ट्रक और अन्य वाहन क्षतिग्रस्त हालत में बिखरे पड़े हैं. परमाणु रिएक्टरों के टूटे-फूटे ढांचे और मलबे के ढेर संयंत्र में अभी तक पड़े है.”

इसके माध्यम से यह दिखाने की कोशिश की गई है कि फ़ुकुशिमा संयंत्र की हालत स्थिर हो रही है.

'हालात में सुधार'

फ़ुकुशिमा परमाणु संयंत्र के प्रमुख मसाओ योशिदा भी पत्रकारों के दल में शामिल हुए और उन्होंने पत्रकारों को भूकंप के बाद के हालातों की जानकारी दी.

मसाओ योशिदा ने कहा, ''भूकंप और सुनामी के ठीक एक हफ़्ते बाद मुझे कई बार लगा कि मै मरने वाला हूँ. लेकिन अब मुझे यक़ीन है कि संयंत्र इस स्थिति में पहुंच गया है कि इसके आस-पास के लोग बिना किसी डर के रह सकते हैं.''

लेकिन साथ ही यशोदा ने ये भी कहा कि संयंत्र में काम करने वाले मज़दूरों के लिए अभी-भी हालात बहुत कठिन हैं.

परमाणु संयंत्र की सफ़ाई अभियान के प्रमुख गोशी होसोनो भी पत्रकारों के साथ संयंत्र के अंदर गए और उन्होंने मज़दूरों को संबोधित किया.

होसोनो ने मज़दूरों की तारीफ़ करते हुए कहा, ''हर दफ़ा जब मैं यहां आता हूं, मुझे लगता है कि हालात बेहतर हो रहें हैं. ये सब कुछ आपकी मेहनत का नतीजा है.''

मार्च में आए भूकंप और सुनामी में फ़ुकुशिमा के छह रियक्टरों में से चार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे.

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