इटली: कटौती क़ानून निचले सदन में भी पारित

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Image caption मारियो मोंटी को प्रधानमंत्री बनाए जाने का निवर्तमान गठबंधन ज़ोरदार विरोध कर रहा है

कर्ज़ संकट से उबरने के लिए इटली की सरकार की ओर से प्रस्तावित ख़र्च में कटौती के प्रस्ताव को संसद के निचले सदन ने भी पारित कर दिया है.

इससे पहले शुक्रवार को संसद के ऊपरी सदन ने इस प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी थी.

इसके बाद वर्तमान प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी के पद छोड़ने का रास्ता साफ़ हो गया है. उन्होंने शर्त रखी थी कि यदि कटौती का प्रस्ताव संसद के दोनों सदनों में पारित हो जाता है तो वे अपना पद छोड़ देंगे.

चर्चा है बर्लुस्कोनी के जाने के बाद यूरोपीय आयोग के कमिश्नर और अर्थशास्त्री मारियो मोंटी को नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया जा सकता है.

रोम में संवाददाताओं का कहना है कि इस समय सरकार चला रहा गठबंधन मारियो मोंटी का विरोध कर रहा है.

चुनौती

बुधवार को सरकारी बॉन्ड पर ब्याज की दर सात प्रतिशत तक जा पहुँची थी. हालांकि शुक्रवार को कटौती प्रस्ताव के संसद के ऊपरी सदन से पारित होने के बाद इसमें गिरावट भी शुरु हो गई थी.

इससे पहले ग्रीस, आयरलैंड और पुर्तगाल में ब्याज की दर सात प्रतिशत तक पहुँची थी तो यूरोज़ोन के नेताओं ने उन्हें बाध्य कर दिया था कि वे अपनी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बाहरी सहायता स्वीकार कर लें.

इसके बाद गुरुवार को सरकार ने सरकारी बॉन्ड के ज़रिए पाँच अरब यूरो की राशि जुटाई थी. हालांकि इस राशि पर उसे 6.087 प्रतिशत का भारी भरकम ब्याज देना होगा.

यूरोपीय संघ की एक टीम रोम में सरकार के प्रयासों में नज़र बनाए हुए है कि वह किस तरह से कर्ज़ के बोझ को कम करती है जो इस वक़्त सकल घरेलू उत्पाद का 120 प्रतिशत तक जा पहुँचा है.

पिछले 15 वर्षों में इटली की अर्थव्यवस्था सिर्फ़ 0.75 प्रतिशत की दर से बढ़ती रही है.

शुक्रवार को जो कटौती प्रस्ताव पारित हुआ है उसके ज़रिए सरकारी ख़र्चों में कटौती और टैक्स बढ़ाकर 59.8 अरब यूरो के बचत की उम्मीद की जा रही है जिससे कि वर्ष 2014 तक बजट को संतुलित किया जा सके.

इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद बाज़ार ने इसका खुलकर स्वागत किया था और शेयर के दामों में उछाल आया था.

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