मंदी के दौर में हीरों की नीलामी !

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Image caption सन ड्रॉप नाम के इस हीरे का रंग और आकार सबसे श्रेष्ठ माना जा रहा है

वैश्विक वित्तीय मंदी और यूरोज़ोन के क़र्ज़ संकट के बीच स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा शहर में जाने-माने नीलामी घरों ने हीरे-जवाहरातों की प्रदर्शनी लगाई है. जिनेवा में हर साल लगने वाली इस मंडी में ब्रिक्री ज़ोरो पर है.

जिनेवा से बीबीसी संवाददाता के अनुसार दुनिया के सबसे पुराने निलामघरों में से एक सूदबाय में जवाहरातों की ख़रीददारी करने आए लोगो की कतारें लगी हुई है.

नीलामी के मुख्य आकर्षण 12 कैरेट का पन्ना, गुलाबी हीरे की अंगूठी, नीले हीरे और 110 कैरेट के पीले हीरे को सबसे अधिक लोग देखने आए हैं.

1.1 करोड़ का सन ड्रॉप भी

हालाकि प्रदर्शनी में दिखाया गया 110 कैरेट का पीला हीरा सबसे अधिक चर्चा में है. सन ड्रॉप नाम के इस हीरे का रंग और आकार सबसे श्रेष्ठ माना जा रहा है.

बताया जा रहा है कि 110 कैरेट का यह हीरा पिछले ही साल दक्षिण अफ़्रीका की खदानों में मिला था और इसका इससे पहले कभी इस्तेमाल नही किया गया है.

सूदबाय के हीरे-जवाहरात विभाग के प्रमुख डेविड बेनेट के अनुसार सन ड्रॉप को ख़रीदने के लिए किसी भी खरीददार को कम से कम 1.1 करोड़ डॉलर चुकाने होंगे.

यूरोज़ोन के क़र्ज़ संकट के कारण जहाँ कुछ देश अन्य देशों से कर्ज़ की उम्मीद लगाए बैठे है वही जीनेवा के नीलामघर इस समस्या से बेफ़िक्र नज़र आ रहे है.

सूदबाय के हीरे-जवाहरात विभाग के प्रमुख डेविड बेनेट ने बीबीसी को बताया, "जवाहरातों की बिक्री पर वैश्विक वित्तीय मंदी का कोई खास असर नही पड़ा है. मंदी के चलते हीरे-जवाहरातों में निवेश करना सुरक्षित माना जा रहा है."

सूदबाय के हीरे-जवाहरात विभाग के प्रमुख डेविड बेनेट के अनुसार सन ड्रॉप को ख़रीदने के लिए किसी भी खरीददार को कम से कम 1.1 करोड़ डॉलर चुकाने होंगे.

हीरे-जवाहरातों के अलावा जिनेवा में प्राचीन कलाकृतियाँ भी नीलाम की जा रही हैं. इनमें से ज़्यादातर 20वीं शताब्दी की और उसके समकालीन है.

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