इतिहास के पन्नों में 16 नवंबर

इतिहास के पन्नों को पलटकर देखने से पता चलता है कि रूस के मशहूर लेखक फ़्योदोर दोस्तोविस्की को 16 नवंबर के दिन ही फांसी की सज़ा सुनाई गई थी और इसी दिन यूनेस्को की स्थापना का फ़ैसला किया गया था.

1849: रूसी लेखक फ़्योदोर दोस्तोविस्की को फांसी की सज़ा

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Image caption फ़्योदोर दोस्तोविस्की की कलाकृति बनाता एक आर्टिस्ट

अपने उपन्यासों - क्राईम एंड पनिशमेंट, द ईडियट, द ब्रदर्स करैमज़ोव, अनेक कहानियों और लेखों के लिए विश्व प्रसिद्ध रूसी लेखक फ़्योदोर दोस्तोविस्की को एक भूमिगत संगठन का सदस्य होने के आरोप में 16 नवंबर को मौत की सज़ा सुनाई गई थी.

यूरोप में हुई क्रांति से घबराए हुए ज़ार निकोलस (प्रथम) हर उस संगठन को शक़ की निगाह से देखते थे जिससे सीधे तौर पर या उसके विचारधारा के कारण शाही परिवार को ख़तरा पैदा हो सकता था.

बाद में दोस्तोविस्की की सज़ा को क़ैद में बदल दिया गया और उन्हें साईबेरिया भेज दिया गया.

बाद में उन्होंने अपने कष्ट और पीड़ा को बयान करते हुए अपने भाई को लिखा ये "ताबूत में बंद होने जैसा" था.

उन्होंने लिखा कि जगह की तंगी के वजह से गर्मियों में पास-पास रहने से बेहद तकलीफ़ होती थी, जाड़ों की सर्दियां बर्दाश्त की हदों से बाहर होती थीं, फ़र्श पर इस क़दर गंदगी थी कि लोग फिसल कर गिर जाते थे.

उनके अनुसार हालात ऐसे थे जैसे किसी मछली को बंदूक़ की नली में ठूसं दिया जाए. कमरे में इतनी जगह भी नहीं होती थी कि लोग घूम पाएं. सुबह से लेकर शाम तक लोग बिल्कुल सुअरों की तरह वक़्त गुज़ारते थे. चारों ओर मक्खियां और कीड़े नज़र आते थे.

अपने अनुभवों पर बाद में दोस्तोविस्की ने 'द हाउस ऑफ़ द डेड' नाम की एक पुस्तक भी लिखी.

1945: यूनेस्को का गठन

Image caption यूनेस्को विश्व भर में संस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण करता है.

अभी दूसरा विश्व युद्ध ख़त्म भी नहीं हुआ था, बात साल 1942 की है, जब कुछ यूरोपीय देशों की सरकारों ने ब्रिटेन में एक सम्मेलन आयोजित किया.

मित्र देशों का ये सम्मेलन शिक्षा के क्षेत्र से संबंधित था.

ये देश चाहते थे कि शांति की बहाली के साथ ही वो अपनी शिक्षा व्यवस्था का पुनर्निमाण करें.

जल्द ही इस प्रयास में तेज़ी आ गई और इसने एक वैश्विक रूपरेखा अख़्तियार कर ली और अमरीका जैसे देश भी इसमें शामिल हो गए.

मित्र देशों के शिक्षा सम्मेलन के एक प्रस्ताव पर लंदन में संयुक्त राष्ट्र की एक बैठक आयोजित हुई जिसका मक़सद था एक शैक्षणिक और सांस्कृतिक संस्था का गठन.

ये कान्फ्रेस एक से 16 नवबंर 1945 के बीच आयोजित हुई थी जिसमें 44 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था.

सम्मेलन के ख़त्म होने पर 37 देशों ने यूनेस्को की स्थापना का फ़ैसला किया.

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