रुश्दी, फ़ेसबुक और ट्विटर

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Image caption रुश्दी का पूरा नाम अहमद सलमान रुश्दी है.

भारतीय मूल के ब्रितानी लेखक सलमान रुश्दी ने कहा है कि फ़ेसबुक ने उन्हें अपने प्रोफ़ाइल पर अपना पहला नाम यानी सलमान इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है.

उन्होंने इसे 'फ़ेसबुक के साथ जंग' में जीत बताया है.

रुश्दी का पूरा नाम अहमद सलमान रुश्दी है. लेकिन वो चाहते थे कि उन्हें फ़ेसबुक पर सलमान रुश्दी के नाम से ही जाना जाए क्योंकि वे इसी नाम से जाने जाते रहे हैं.

फ़ेसबुक की नीति प्रोफ़ाइल में पूरे वास्तविक नाम के प्रयोग की है. इसलिए उन्हें अपने पहले नाम यानी अहमद को प्रयोग करने के लिए कहा जा रहा था.

सलमान रुश्दी ने इस विवाद पर दूसरी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट ट्विटर पर कहा है कि फ़ेसबुक इस मुद्दे पर झुक गया है.

रुश्दी ने ट्विट किया, “जीत, फ़ेसबुक झुक गया है. मैं फिर से सलमान रुश्दी हूं. मैं अब बेहतर महसूस कर रहा हूं. इस उम्र में पहचान का संकट कोई मज़ाक नहीं. शुक्रिया ट्विटर.”

पूरा नाम अहमद सलमान रुश्दी

इसके कुछ देर बाद रुश्दी ने फिर ट्विट करते हुए लिखा, “अभी-अभी फ़ेसबुक ने माफ़ी मांगी है. ”

चौंसठ वर्षीय सलमान रुश्दी ने फ़ेसबुक के साथ चले विवाद पर ट्विटर पर कई बयान दिए हैं. उन्होंने लिखा है कि फ़ेसबुक ने बीते सप्ताहांत उनका एकांउट तक बंद कर दिया था क्योंकि फ़ेसबुक को लगा कि “ये असली रुश्दी नहीं है.”

रुश्दी ने कहा कि उनकी ओर से पासपोर्ट की फ़ोटो भेजने के बाद ही उनका अकांउट बहाल किया गया लेकिन उन्हें अहमद रुश्दी की ही पहचान दी गई.

इससे क्रोधित हुए रुश्दी ने इस मामले पर ट्विटर पर मोर्चा खोल दिया. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “प्रिय फ़ेसबुक मुझे सलमान से अहमद रुश्दी करने पर बाध्य कर रही है.”

इसके बाद सलमान रुश्दी के प्रशंसकों ने उनके इस बयान को ट्विटर पर फैला दिया. थोड़ी देर में ही फ़ेसबुक पर उनका नाम सलमान रुश्दी कर दिया गया.

सलमान रुश्दी की पुस्तक ‘द सैटेनिक वर्सेज़’ आने के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने 1989 में उनके ख़िलाफ़ फ़तवा जारी किया था और उसके बाद से ही रुश्दी पुलिस की हिफ़ाज़त में रह रहे हैं.