मिस्र में प्रदर्शनकारियों का तहरीर चौक पर दोबारा क़ब्ज़ा

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Image caption रविवार को उस समय झड़पें दुबारा से शुरू हो गई जब पुलिस ने विरोधियों को सरकारी इमारत की ओर बढ़ने से रोका और उन पर आंसू गैस के गोले दागे.

मिस्र की राजधानी क़ाहिरा में पुलिस से झड़पों के बाद प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर तहरीर चौक पर कब्ज़ा कर लिया है.

प्रदर्शनकारियों को रोकने की पुलिस की कोशिशें कामयाब नही हुईं और सैकड़ों की संख्या में लोगों ने चौक पर ही रात बिताई.

रविवार की सुबह उस समय झड़पें दोबारा शुरू हो गई जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सरकारी इमारत की ओर बढ़ने से रोक दिया और उन पर आंसू गैस के गोले दागे.

ये ताज़ा विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहें हैं जब लगभग एक सप्ताह में राष्ट्रपति मुबारक को सत्ता से हटाने के बाद पहली बार चुनाव होने वाले हैं.

क्यों हुई झड़पें ?

शनिवार को हिंसा उस समय भड़की जब पुलिस ने तहरीर चौक पर उन प्रदर्शनकारियों को हटाना चाहा जिन्होंने वहां शिविर लगा रखे थे.

मिस्र में अलग-अलग जगहों पर होने वाले प्रदर्शनों में पुलिस कार्रर्वाई के दौरान दो प्रदर्शनकारी मारे गए और सैंकड़ों घायल हुए.

एक प्रदर्शनकारी की मौत क़ाहिरा में हुई जबकि ऐलेक्ज़ेंड्रिया में एक दूसरे प्रदर्शनकारी मारा गया.

रविवार को झड़पें तहरीर चौक के बाहर शुरू हुई जब पुलिस ने आंतरिक मंत्रालय की तरफ़ बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोका.

वैसा ही शिविर

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि तहरीर चौक में स्थापित किया गया अस्थायी शिविर उसी कैंप की तरह नज़र आता है जैसा कि इसी साल फ़रवरी माह के उस प्रदर्शन के समय था जब राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक को सत्ता से हटाया गया था.

घायल प्रदर्शनकारियों के इलाज के लिए एक अस्थायी अस्पताल भी बनाया गया है.

हमारे संवाददाता ने बताया कि क़ाहिरा का सबसे व्यस्त रहने वाला चौक सप्ताह के शुरु में ही बंद कर दिया गया है और वहां वाहनों का जाना भी मना है. अधिकतर दुकानें भी बंद हैं.

प्रदर्शनकारी संविधान के प्रारूप का विरोध कर रहे है क्योंकि उनका मानना है कि यह नई सरकार बनने के बाद सेना के हाथ में बहुत ज़्यादा अधिकार दे देगा.

कई बार उन्होंने तहरीर चौक पर क़ब्ज़ा करने की कोशिश की है लेकिन उन्हें जल्दी ही हटा दिया गया है.

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