काहिरा में हिंसा, 33 लोगों की मौत

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Image caption मिस्र के काहिरा में सुरक्षा बलों के तहरीर चौक को खाली करने के चलते फिर से झड़पें फूट पड़ी हैं.

मिस्र के काहिरा में सुरक्षा बलों के तहरीर चौक को खाली करने के प्रयासों के चलते फिर से झड़पें फूट पड़ी हैं.

शनिवार से भड़की हिंसा में 33 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और सैकडों घायल हुए हैं.

प्रदर्शनकारियों को डर है कि अंतरिम सैन्य सरकार सत्ता पर अपनी पकड़ कायम रखना चाहती है.

इस बीच संस्कृति मंत्री इमाद अबू ग़ाज़ी ने सरकार के प्रदर्शनकारियों के प्रति रवैये को देखते हुए इस्तीफा दे दिया है.

सोमवार को यूरोप की 25 राजनीतिक पार्टियों ने हिंसा के चलते संचार और आंतरिक मंत्रियों को हटाने की मांग की है.

फरवरी माह में राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को बाहर किए जाने के बाद यह अब तक का सबसे लंबा विरोध है.

सेना के प्रदर्शनकारियों को तहरीर चौक से खदेड़ने के प्रयासों के बावजुद सोमवार को फिर से भीड़ को तहरीर चौक की तरफ जाते देखा गया.

टीवी पर दिखाई जाने वाली फूटेज में प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागते देखा गया जबकि प्रदर्शनकारी आग के गोले और पत्थर के टुकड़ों को पुलिस पर फेंक रहे थे.

रात को झड़पों में पुलिस ने एक अस्थाई अस्पताल पर हमला भी बोला.

सोमवार को हिंसा जारी रही और पुलिस के फेंके गए आंसू गैस के एक गोले से पास की एक इमारत को आग लग गई.

नई मांगें

बीबीसी के संवाददाता ने कहा कि प्रदर्शनरकारियों की मांगे अब बदल चुकी हैं. अब वह चाहते हैं कि सैन्य नेता तुरंत इस्तीफा दें और असैनिक प्रशासन को सत्ता सौंप दें.

शनिवार को हिंसा उस समय भड़की थी जब पुलिस ने उन प्रदर्शनकारियों को हटाना चाहा जिन्होंने तहरीर चौक पर शिविर लगा रखा था.

दो प्रदर्शनकारी मारे गए थे और सैंकड़ों घायल हुए थे.

रविवार को झड़पें तहरीर चौक के बाहर शुरू हुई जब पुलिस ने आंतरिक मंत्रालय की तरफ बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोका.

स्वास्थय मंत्रालय ने कहा कि रविवार और सोमवार को 20 लोग मारे गए हैं. लगभग 1,750 लोग घायल हुए हैं.

मुर्दाघर के अधिकारियों ने कहा कि मृतकों की संख्या अब 33 हो चुकी है.

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