काहिरा के तहरीर चौक पर फिर जुटने की अपील

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Image caption होस्नी मुबारक के इस्तीफ़े के बाद तहरीर चौक परिवर्तन का प्रतीक बन गया है

मिस्र में प्रदर्शनकारियों ने लोगों से राजधानी काहिरा के मध्य में बड़ी संख्या में एकत्रित होकर रैली में भाग लेने की अपील की है.

इस बीच हज़ारों लोगों ने सोमवार की रात तहरीर चौक में गुज़ारी है.

लेकिन अभी भी तहरीर चौक पर वैसी भीड़ नहीं उमड़ रही है जैसी कि होस्नी मुबारक के शासन काल के विरोध में एकत्रित हो रही थी.

इससे पहले मिस्र की सैन्य सरकार के ख़िलाफ़ तीन दिन से चल रहे प्रदर्शनों में 33 लोग मारे जाने के बाद सोमवार को मिस्र के अंतरिम मंत्रिमंडल ने सैन्य परिषद को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया था.

हालांकि अभी सैन्य परिषद ने ये स्पष्ट नहीं किया है इस्तीफ़ा स्वीकार होगा या नहीं.

सैन्य परिषद से नाराज़गी

जिस समय प्रधानमंत्री एसाम शरफ़ ने इस्तीफ़े की घोषणा की उस समय तहरीर चौक पर 20 हज़ार लोग एकत्रित थे.

इस साल के शुरुआत में जब होस्नी मुबारक के ख़िलाफ़ आंदोलन चल रहा था तो इसी चौक पर लाखों लोग एकत्रित हो रहे थे.

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Image caption प्रदर्शनकारियों को शक है कि सैन्य परिषद सत्ता पर काबिज रहना चाहता है

एक बार फिर लोग तहरीर चौक पर हैं और वे सैन्य परिषद से मांग कर रहे हैं कि वह जल्दी ही लोगों को शासन सौंप दे.

प्रदर्शनकारियों ने सैन्य परिषद पर 'क्रांति विरोधी' होने का आरोप लगाते हुए लोगों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में पहुँचकर रैली में हिस्सा लें.

इन प्रदर्शनों की शुरुआत शनिवार से हुई जब सैन्य परिषद की ओर से नियुक्त अंतरिम सरकार ने संविधान में संशोधनों का प्रस्ताव रखा.

इन संशोधनों के अनुसार सेना के बजट को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता.

इसके अलावा राष्ट्रपति के चुनाव को वर्ष 2012 के अंत तक या 2013 के शुरु तक टाले जाने के प्रस्ताव से भी लोग नाराज़ हो गए.

प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि नवंबर में हो रहे संसदीय चुनाव के बाद ही राष्ट्रपति के चुनाव करवा लिए जाएं.

लोगों को लग रहा है कि सैन्य परिषद किसी तरह से सत्ता में बने रहना चाहती है.

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