तहरीर चौक: बल प्रयोग के ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा

तहरीर चौक पर प्रदर्शन इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption काहिरा के अलावा एलेक्सांड्रिया, पोर्ट सईद और अस्वान में भी प्रदर्शन हुए

मिस्र में सैन्य शासन के विरोधियों के ख़िलाफ़ बल प्रयोग बंद करने के बारे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय में आवाज़ें उठने लगी हैं और मिस्र की सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है.

राजधानी काहिरा के तहरीर चौक, एलेक्सांड्रिया, सुएज़ पोर्ट सईद और अस्वान में सैन्य शासन के ख़िलाफ़ प्रदर्शन अभी जारी हैं और कई जगह हिंसा हुई है.

सैन्य परिषद की ओर से प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग स्वीकार करने और चुनाव की प्रक्रिया को तेज़ करने की घोषणा के बावजूद बुधवार को सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुई हैं.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संस्था की अध्यक्ष नवी पिल्लई ने मिस्र में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ बल प्रयोग को 'ज़रूरत से अधिक' हिंसा की संज्ञा दी है और इसे बंद कर हिंसक घटनाओं की स्वतंत्र जाँच का आहवान किया है.

ब्रितानी विदेश मंत्री विलियम हेग ने उन रिपोर्टों पर चिंता जताई है जिनमें कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ 'ख़तरनाक़ तरह की गैस का इस्तेमाल किया गया है.'

यही नहीं ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कॉन्फ़्रेस ने भी मिस्र से कहा है कि वह नागरिकों के शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन के अधिकार का सम्मान करे और हिंसा से बाज़ आए.

पिछले पाँच दिन के प्रदर्शनों में कम से कम 30 लोग मारे गए हैं और अनेक अन्य घायल हुए हैं.

इस साल फ़रवरी में कुछ हफ़्तों के सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद दशकों से मिस्र पर शासन कर रहे होस्नी मुबारक ने सत्ता छोड़ दी थी. इसके बाद सैन्य परिषद के पास सत्ता की कमान है लेकिन प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि सेना नागरिक प्रशासन को सत्ता सौंपे और जल्द राष्ट्रपति पद के चुनाव कराए.

'स्वतंत्र और निष्पक्ष जाँच हो'

हाल के दिनों में काहिरा में हुई हिंसा के बाद एक बयान में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संस्था की अध्यक्ष नवी पिल्लई ने मिस्र की सरकार को लताड़ा है.

उन्होंने कहा है, "मैं मिस्र की सरकार के अनुरोध करती हूँ कि वे तहरीर चौक में जमा प्रदर्शनकारियों और अन्य जगहों पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के ख़िलाफ़ ज़रूरत से अधिक बल प्रयोग बंद करें. वे आँसू गैस का अनुचित इस्तेमाल, रबड़ की गोलियों और असले का इस्तेमाल भी बंद करें."

इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption पिछले पाँच दिनों में कम से कम 30 लोग मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हैं

उन्होंने कहा है, "तहरीर चौक से मिल रही कुछ तस्वीरें और प्रदर्शनकारियों की ख़ौफनाक पिटाई की तस्वीरें दुखद हैं. इसकी तुरंत, निष्पक्ष और स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए और जो दुर्व्यवहार के दोषी हैं उन्हें सज़ा मिलनी चाहिए."

ब्रितानी विदेश मंत्री विलियम हेग ने उन रिपोर्टों पर चिंता जताई है जिनमें कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ 'ख़तरनाक़ तरह की गैस का इस्तेमाल किया गया है.'

बुधवार को काहिरा में अनेक जगहों पर झड़पें हुई हैं.

जहाँ प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल बम और पथराव किया है वहीं पुलिस ने आंसू गैस का अत्यधिक इस्तेमाल किया है.

अनेक लोग झुलस गए हैं और त्वचा का इलाज करा रहे हैं. आंसू गैस से कुछ लोगों के दिमाग पर असर होने की ख़बरें भी मिली हैं.

संबंधित समाचार