तहरीर चौक पर फिर बड़े प्रदर्शन की तैयारी

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Image caption पिछले दिनों मिस्र में कई जगह प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं

मिस्र में सैन्य शासकों के सत्ता से हटने की मांग को लेकर शुक्रवार की नमाज़ के बाद तहरीर चौक पर एक बड़े प्रदर्शन की तैयारी हो रही है.

प्रदर्शनकारी ये भी मांग कर रहे हैं कि सोमवार से होने वाले संसदीय चुनावों को स्थगित कर दिया जाए.

काहिरा और अन्य स्थानों पर हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद सैन्य प्रशासन की ओर से नियुक्त अंतरिम सरकार ने इस हफ़्ते की शुरुआत में इस्तीफ़ा दे दिया था.

इसके बाद गुरुवार को सैन्य प्रशासन ने पूर्व प्रधानमंत्री कमाल गंज़ौरी को नई सरकार का गठन करने को कहा है और वादा किया है कि वह जनता को सत्ता सौंपने की प्रक्रिया तेज़ करेगा.

लेकिन प्रदर्शनकारियों के रूख़ में इससे कोई परिवर्तन नहीं आया है.

उल्लेखनीय है कि भारी प्रदर्शनों के बाद फ़रवरी में होस्नी मुबारक़ ने इस्तीफ़ा दे दिया था और सेना वहाँ लोगों को फिर से सत्ता सौंपने के लिए एक अंतरिम प्रशासन का काम संभाल रही है.

'आख़िरी मौक़ा'

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Image caption कमाल गंज़ौरी को सरकार का गठन करने को कहा गया है

कार्यकर्ताओं ने, जिनमें से बहुत से लोगों ने रात तहरीर चौक पर गुज़ारी है, कहा है कि शुक्रवार मिस्रवासियों के लिए 'आख़िरी मौक़ा' है, जब वह सैन्य शासन से मांग करे कि सत्ता तत्काल जनता को सौंप दी जाए.

मिस्र के इंडिपेंडेंट ट्रेड यूनियन फ़ेडरेशन ने तहरीर चौक तक रैली निकालने की घोषणा की है जबकि दूसरे कामगार अधिकार समूहों ने इन प्रदर्शनों को समर्थन देने के लिए आम हड़ताल की घोषणा की है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में अब तक 41 लोग मारे गए हैं.

सैन्य परिषद ने इन मौतों के लिए खेद व्यक्ति किया है और मृतकों के परिजनों को मुआवज़ा देने की घोषणा की है.

जब इस घोषणा का ज़िक्र एक कार्यकर्ता ख़ालिद मोहम्मद से किया गया तो उसने कहा,"हम उनसे ये सुनना चाहते हैं कि वे कब हट रहे हैं."

बीबीसी संवाददाता जेरेमी बोवेन का कहना है कि हालांकि हिंसा की घटनाएँ बंद हो गई हैं लेकिन काहिरा में तनाव व्याप्त है.

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