ब्रिटेन की ईरान को गंभीर परिणामों की चेतावनी

ब्रितानी दूतावास पर प्रदर्शनकारी इमेज कॉपीरइट Getty
Image caption ब्रितानी दूतावास के बाहर भी बड़ी तादात में प्रदर्शनकारी इकट्ठा थे

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान को ब्रितानी दूतावास पर हमले के गंभीर नतीजे भुगतने होंगे.

उन्होंने कहा कि हमले के दोषियों पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए.

डेविड कैमरन ने इस हमले को घृणित कर्रवाई बताया और कहा कि शर्म की बात है कि ईरान की सरकार ब्रितानी कर्मचारियों और उसकी संपत्ति की रक्षा नही कर सकी.

ब्रितानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह इस घटना से 'काफ़ी चिंतित' है.

विदेश मंत्रालय ने लंदन में ईरान के राजदूत को तलब किया.

ब्रिटेन ने ईरान से राजनयिकों और दूतावास के कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का पालन करने की माँग की है. साथ ही ईरान में मौजूद ब्रितानी नागरिकों से 'बाहर न निकलने और ज़्यादा सक्रिय न होने की' अपील की है.

ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर ख़ेद जताया है.

ब्रितानी दूतावास पर हमला

इससे पहले, ईरान पर ब्रितानी प्रतिबंधों का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी इस दौरान राजधानी तेहरान में स्थित ब्रितानी दूतावास में घुसने में क़ामयाब हो गए.

उपद्रवी छात्रों ने ब्रितानी झंडा निकालकर उसमें आग लगा दी और उसकी जगह वहाँ पर ईरानी झंडा लहरा दिया. सरकारी टेलिविज़न पर युवाओं को दूतावास की खिड़कियाँ तोड़ते हुए भी दिखाया गया है.

ईरान पर ब्रितानी प्रतिबंध और कड़े होने के बाद ईरान ने ब्रिटेन के साथ कूटनीतिक रिश्ते कम करने का फ़ैसला किया था.

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार छात्रों की दंगा निरोधक पुलिस के साथ झड़प हुई और उन्होंने 'ब्रितानी दूतावास पर हमेशा के लिए क़ब्ज़ा कर लेना चाहिए' तथा 'इंग्लैंड मुर्दाबाद' जैसे नारे लगाए.

ख़बरों के अनुसार छात्रों ने इमारत में घुसकर कार्यालय में तोड़फोड़ की है और एक प्रदर्शनकारी महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय की तस्वीर लहरा रहा था.

बाहर भी भीड़

ईरान की समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार दूतावास के दस्तावेज़ों को आग लगा दी गई. एजेंसी के अनुसार दूतावास के कर्मचारी पीछे के दरवाज़े से भाग निकलने में क़ामयाब रहे.

तस्वीरों में दिखाया गया कि परिसर में खड़ी एक कार में आग लगा दी गई थी जबकि दूतावास की दीवार के बाहर सैकड़ों अन्य प्रदर्शकारी जमा थे.

लगभग दो घंटे बाद पुलिस ने इमारत पर फिर से नियंत्रण पा लिया. टेलीविज़न की लाइव तस्वीरों में दिखाया गया कि दंगा निरोधक पुलिस प्रदर्शनकारियों को वहाँ से हटा रही है.

समाचार एजेंसी फ़ार्स के अनुसार सुरक्षा बलों ने आँसू गैस के गोले छोड़े. उसने बताया कि इस संघर्ष में पुलिस और प्रदर्शनकारी दोनों ही घायल हुए हैं.

ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी इरना की अपुष्ट ख़बरों के अनुसार प्रदर्शनकारियों का एक दूसरा गुट शहर के उत्तर में स्थित ब्रितानी दूतावास के एक परिसर में घुस गया और वहाँ से उसने गोपनीय दस्तावेज़ों पर क़ब्ज़ा कर लिया.

निंदा

ब्रितानी विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, "हम इस घटना से काफ़ी चिंतित हैं और ये पूरी तरह अस्वीकार्य है."

ये पता नहीं चल सका है कि उस समय दूतावास में कितने कर्मचारी थे. विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि सभी कर्मचारियों और राजनयिकों की सुरक्षा के बारे में जाँच-पड़ताल की जा रही है.

फ़्रांस ने 'काफ़ी कड़े' शब्दों में हमले की निंदा की है.

ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम को देखते हुए अमरीका, ब्रिटेन और कनाडा ने पिछले हफ़्ते नए क़दमों की घोषणा की थी.

इसके बाद ब्रितानी वित्त मंत्रालय ने ये कहते हुए ईरानी बैंकों पर प्रतिबंध लगा दिया था कि वह देश के परमाणु कार्यक्रम की मदद कर रहे हैं.

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी आईएईए ने एक रिपोर्ट में कहा था कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है.

मगर ईरान ज़ोर देकर कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है.

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