ईरान ज़िम्मेदारियों के प्रति गंभीर नहीं: ओबामा

ब्रितानी दूतावास पर प्रदर्शनकारी इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption प्रदर्शनकारियों ने दूतावास में शीशे तोड़े और आग लगाई

ईरान की राजधानी तेहरान में ब्रितानी दूतावास पर हमले के बाद अमरीका ने ईरान के लताड़ा है, ब्रिटेन ने चेतावनी दी है, सुरक्षा परिषद ने इसकी निंदा की है और यूरोपीय संघ ने इस घटना पर गंभीर चिंता जताई है.

ग़ौरतलब है कि ईरान पर उसके परमाणु कार्यक्रम के संबंध में हाल में प्रतिबंध लगाए गए हैं और ईरान की संसद ने ब्रिटेन के साथ कूटनीतिक रिश्ते को घटाने का फ़ैसला किया था.

मंगलवार को छात्र बताए जाने वाले सैकड़ों प्रदर्शनकारी प्रतिबंधों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन करते हुए तेहरान में स्थित ब्रितानी दूतावास में घुसने में क़ामयाब हो गए. उपद्रवी छात्रों ने ब्रितानी झंडे को आग लगा दी, शीशे तोड़ दिए, एक कार को जला दिया और दफ़्तरों में तोड़फोड़ की.

तेहरान में ब्रितानी दूतावास पर हमला

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अफ़ोस जताते हुए कहा, "पुलिस की कोशिशों के बावजूद, हमें कुछ प्रदर्शनकारियों के अस्वीकार्य बर्ताव पर अफ़सोस है. अधिकारियों को इस बारे में तत्काल ज़रूरी कार्रवाई करन के आदेश दिए गए हैं."

'हम जल्द ठोस कार्रवाई चाहते हैं'

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा, "इस तरह का बर्ताव अस्वीकार्य है. मैं ज़ोर देकर ईरान की सरकार से कहूँगा कि वे दोषियों को दंड दे."

उन्होंने कहा, "दंगा करने वालों का दूतावास पर कब्ज़ा करना और उसमें आग लगाना दर्शाता है कि ईरान की सरकार अपनी अंतरराष्ट्रीय ज़िम्मेदारियों को गंभीरता से नहीं ले रही है. हम जल्द ही इस बारे में ठोस कार्रवाई चाहते हैं."

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 15 सदस्य देशों ने एक बयान में इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है.

बयान में सुरक्षा परिषद ने कहा, "ईरान की सरकार राजनयिकों और दूतावास की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करे और इस बारे में अपनी अंतरराष्ट्रीय ज़िम्मेदारी निभाए."

इससे पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने चेतावनी देते हुए कहा, "ईरान की सरकार को पता होना चाहिए कि ब्रितानी दूतावास पर हमले और ब्रितानी कर्मचारियों और उसकी संपत्ति की रक्षा नही कर पाने गंभीर नतीजे होंगे...हम आने वाले दिनों में तय करेंगें कि इस बारे में क्या कार्रवाई होनी चाहिए...हम ईरान की सरकार को ज़िम्मेदार ठहराते हैं."

ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ की विदेश नीति की प्रमुख कैथरिन एशटन ने कहा, "ईरान तत्काल अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्व निभाए."

फ़्रांस, जर्मनी, रूस और कई अन्य देशों ने भी इस घटना की निंदा की है.

ईरानी बैंकों पर प्रतिबंध, संसद में वोट

पिछले हफ़्ते ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्ज एजेंसी की रिपोर्ट के बाद अमरीका, ब्रिटेन और कनाडा ने ईरान को निशाना बनाते हुए नए प्रतिबंधों की घोषणा की थी.

इसके बाद ब्रितानी वित्त मंत्रालय ने ये कहते हुए ईरानी बैंकों पर प्रतिबंध लगा दिया था कि वह देश के परमाणु कार्यक्रम की मदद कर रहे हैं.

ईरान इन सभी आरोपों को ख़ारिज करता है और लगातार कहता आया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण मक़सदों के लिए हैं.

रविवार को ईरानी संसद ने ब्रिटेन से कूटनीतिक रिश्ते घटाने पर वोट किया जिसमें 87 प्रतिशत ससंदों ने वोट किया और ईरानी रेडियो के अनुसार संसदों ने 'ब्रिटेन मुर्दाबाद' के नारे लगाए.

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